ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: ऋषिगंगा नदी में अचानक बढ़ा पानी का स्तर, रोकना पड़ा बचाव कार्य, टनल से निकली टीम
Share
Notification Show More
Latest News
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का सारंगढ़ में रंगारंग आगाज, 330 खिलाड़ी दिखा रहे दम
October 4, 2026
आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर आएगा बस्तर, पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर – उप मुख्यमंत्री  शर्मा
October 4, 2026
गांजा तस्करी पर जशपुर में बड़ी कार्रवाई, 3 करोड़ से ज्यादा का माल पकड़ाया
October 4, 2026
दुर्ग में नकली सोना गिरवी रख कारोबारी से ठगी, 8.25 लाख रुपए लिए, युवती सहित तीन गिरफ्तार
October 4, 2026
नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे ने पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
राष्ट्रीय पोषण माह : नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे ने पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
October 4, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

ऋषिगंगा नदी में अचानक बढ़ा पानी का स्तर, रोकना पड़ा बचाव कार्य, टनल से निकली टीम

By @dmin Published February 11, 2021
Share
ऋषिगंगा नदी में अचानक बढ़ा पानी का स्तर, रोकना पड़ा बचाव कार्य, टनल से निकली टीम
ऋषिगंगा नदी में अचानक बढ़ा पानी का स्तर, रोकना पड़ा बचाव कार्य, टनल से निकली टीम
SHARE

देहरादून (एजेंसी)। चमोली में गुरुवार को एक बार फिर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ऋषिगंगा नदी में अचानक जल स्तर तेजी से बढ़ गया और इस वजह से राहत और बचाव काम को रोकना पड़ गया। तपोवन टनल से मलबा निकालकर मजदूरों की तलाश में जुटी टीम को आनन-फानन निकालना पड़ा। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा, ‘चमोली जिले में बचाव कार्य को अस्थायी तौर पर रोका गया है। ऋषिगंगा नदी में पानी का बहाव बढ़ गया है।

Rescue operation temporarily halted in Chamoli district due to a rise in the level of water in Rishiganga river. Orders have been given to vacate the areas downstream: Ashok Kumar, DGP Uttarakhand to ANI

(File pic) pic.twitter.com/SBngp1Xy3G

— ANI (@ANI) February 11, 2021

7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ में कई लोगों की मौत हो गई तो बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। टनल में भी करीब दो दर्जन से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है। उनकी तलाश के लिए मलबा हटाने का काम चल रहा है। अभी यह नहीं पता चला है कि नदी में अचानक बहाव बढऩे की वजह क्या है। रैणी गांव से जानकारी एकत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

Uttarakhand: Rescue operation temporarily halted in Chamoli district following a rise in the level of water in Rishiganga river.

A flash flood had hit the district following a glacial burst on February 7th. pic.twitter.com/k3eUrS2fKP

— ANI (@ANI) February 11, 2021

ऋषिगंगा घाटी में पहाड़ से गिरी बर्फ के कारण ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों में अचानक आई बाढ़ से 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना पूरी तरह तबाह हो गयी थी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त 520 मेगावाट तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की सुरंग में काम कर रहे लोग उसमें फंस गए थे। उसके बाद से ही सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) और राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) लगातार बचाव और तलाश अभियान चला रहे हैं।

#WATCH Uttarakhand: JCB machines, equipment and rescue teams exit the tunnel in Joshimath, Chamoli district where rescue operation is underway, as the operation has been temporarily halted due to a rise in the level of water in Rishiganga river. pic.twitter.com/u8JhPqCyFB

— ANI (@ANI) February 11, 2021

बचाव अभियान में कई एजेंसियां लगी हैं और पिछले चार दिन से उनके अभियान का केंद्र यह सुरंग है और हर गुजरता क्षण इसके भीतर फंसे लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंता को बढ़ा रहा है। बचाव कार्य में लगी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि सुरंग में फंसे लोगों को बचाने में लगातार आ रहा कीचड़ सबसे बड़ा अवरोधक बन रहा है। ऐसे में यह पता लगाने के लिए एक बड़ी मशीन से खुदाई की जा रही है कि क्या इस समस्या को किसी और तरीके से सुलझाया जा सकता है तथा क्या बचावकर्मी और गहराई में जा सकते हैं।

You Might Also Like

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का सारंगढ़ में रंगारंग आगाज, 330 खिलाड़ी दिखा रहे दम

आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर आएगा बस्तर, पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर – उप मुख्यमंत्री  शर्मा

गांजा तस्करी पर जशपुर में बड़ी कार्रवाई, 3 करोड़ से ज्यादा का माल पकड़ाया

दुर्ग में नकली सोना गिरवी रख कारोबारी से ठगी, 8.25 लाख रुपए लिए, युवती सहित तीन गिरफ्तार

राष्ट्रीय पोषण माह : नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे ने पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

@dmin February 11, 2021
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Along with the purchase of 93 lakh tons, the grain of paddy grains 93 लाख टन खरीदी के साथ-साथ धान के दाने-दाने का जतन भी…. संग्रहण केंद्रों में मौसम, चूहों और दीमकों से होने वाली फसल-बरबादी को रोकने 7 हजार 606 पक्के चबूतरों का निर्माण
Next Article पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के समावेशी विकास के सपने को साकार कर रहा है छत्तीसगढ़ - भूपेश बघेल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 12 फरवरी को मैनपाट महोत्सव का करेंगे शुभारंभ
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?