कोझिकोड (एजेंसी)। केरल के कोझिकोड में करीपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान लैंडिंग करने के दौरान फिसल गया और खाई में गिर गया। यह हादसा इतना भीषण था कि विमान दो हिस्सों में बंट गया। घटना में दो पायलट सहित 18 लोगों की मौत हो गई। विमान में 191 यात्री सवार थे। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन कोझीकोड पहुंच गए हैं। सभी यात्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को सहायता प्रदान करने के लिए दिल्ली और मुंबई से दो विशेष राहत उड़ानों की व्यवस्था की गई है।

एयर इंडिया की दुबई-कालीकट उड़ान (आईएक्स-1344) शुक्रवार की शाम 7.41 बजे लैंडिंग करते वक्त फिसल गई। जानकारी के अनुसार यह हादसा बारिश की वजह से रनवे गीला होने के चलते हुआ। विमान खाई में गिरने के बाद दुर्घटनास्थल पर बेहद भयावह माहौल था। हर तरफ घायलों की चीखें, रोते-बिलखते बच्चे और खून से सने कपड़ों के अलावा एंबुलेंस के साइरन के शोर ने हादसे की जगह ऐसा माहौल पैदा किया किया जिसे देखकर हर कोई दहल गया।
मामले की विस्तृत जांच का आदेश
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया है। घटना की जांच के लिए एएआईबी, डीजीसीए और उड़ान सुरक्षा विभाग पहुंच चुके हैं। इसके अलावा केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन आज करीपुर जाएंगे। वहीं दूसरी ओर नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि 127 लोग अस्पताल में हैं और अन्य को छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि विमान में आग लग जाती तो हमारा काम और भी मुश्किल हो जाता।
नौ साल पहले विशेषज्ञों ने दी थी चेतावनी
हादसे से नौ साल पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा गठित एक सुरक्षा सलाहकार समिति के एक सदस्य ने चेतावनी देते हुए कहा था कि करीपुर हवाई अड्डा असुरक्षित है और यहां लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि शुक्रवार को हुए हादसे से पता चलता है कि उनकी चेतावनी पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। दरअसल कोझिकोड का हवाई अड्डा भौगोलिक रूप से ‘टेबल टॉपÓ है। मतलब हवाई पट्टी के इर्द-गिर्द खाई है। मौसम खराब था और दृश्यता भी कम थी, शायद यही कारण था कि रनवे चूकने के बाद विमान फिसल गया और इसका अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।




