रायगढ। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफलता पाई है। लगभग 50 दिन पहले पुलिस को कुएं में एक बंद बोरा मिला जिसमें नरकंकाल बरामद हुआ। फोरेंसिक जांच में कंकाल एक महिला का होना पाया गया। इसके बाद से पुलिस इस मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही थी आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और पुलिस ने इस मामले में एक राजमिस्त्री को गिरफ्तार किया है। मृतका उसकी प्रेमिका थी और राजमिस्त्री ने उसकी हत्या कर शव को जलाने के बाद कंकाल को बोरे में बंद कर कुएं में फेंक दिया था।
इस पूरे मामले का सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया है। यह मामला थाना घरघोड़ा के ग्राम बरौनाकुण्डा क्षेत्र का है। लगभग 50 दिन पहले 22 जून को सूचना मिली कि ग्राम बरौनाकुण्डा के झरिया टिकरा स्थित रिंग कुंआ में प्लास्टिक के तिरपाल में बंधा हुआ मानव नर कंकाल मिला है। सूचना मिलने के बाद घरघोड़ा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। नर कंकाल की मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में जांच की गई। जांच में सामने आया कि 23-25 वर्ष की महिला की खोपडी एवं हड्डियां होना पाया गया। इसके बाद मामले की हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस को मिला क्लू
जांच के दौरान पुलिस को अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में काफी दिक्कतें आ रही थी। पुलिस ने आसपास के थानों से संपर्क कर गुमशुदा महिलाओं की जानकारी ली। इसमें भी पुलिस को कुछ पता नहीं चला। जांच के दौरान पुलिस टीम को घटना स्थल से लगभग 20 किमी की दूरी पर ग्राम पुरी में 25 वर्षीय युवती का कुछ दिन से पता नहीं चल रहा था। पुलिस गांव पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि युवती का कुडूमकेला के सोहन दास महंत से प्रेम संबंध था। होली के कुछ दिन पहले से वह उसके साथ रह रही थी लेकिन पिछले कुछ माह से उसे देखा नहीं गया।
ऐसे आई सच्चाई सामने
इसके बाद पुलिस ने सोहन दास की जानकारी जुटाई और घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि 8 साल पहले से उसका पुरी निवासी युवती से प्रेम संबंध चल रहा था। सोहन दास राजमिस्त्री का काम करता था। सोहन दास ने बताया कि युवती शराब पीने की आदी थी, शराब पीकर गांव में सबके सामने गाली गलौज कर बेइज्जती करती थी। युवती ने उसे रेप केस में फंसाकर जेल भेजा था बाद में शादी की रजामंदी के बाद वह छूटा था।
होली के पहले हत्या कर फेंका शव
आरोपी ने बताया कि होली से 15 दिन पहले युवती के साथ वह काम करने कोटरीमाल तरफ गये थे। वहीं रहकर कुछ दिन काम किये। इस बीच युवती शराब पीकर लोगों के सामने मारपीट, गाली गलौज कर बेइज्जत करती थी। होली के चार दिन पहले दोनों वहां से बोरिया बिस्तर बांधकर निकले। रास्ते में युवती शराब पीने की जिद करने लगी और इसके लिए सोहन दास से विवाद करने लगी। इस दौरान गुस्से में सोहन दास ने डंटे से वार किया। जमीन पर गिरने के बाद गमछे से उसका गला घोंट दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद शव को ठिकाने लगाने अपने पास रखे चादर बिस्तर कपडा आदि से शव को जलाया लेकिन शव पूरी तरह से नहीं जला इसलिए शव के पैर को मोडकर बांधा, तथा अधजले शव को प्लास्टिक के दो बोरियों में भरकर दोनों बोरी के उपर से तिरपाल टुकडा में पूरे शव को लपेट कर रिंग कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह अपने गांव कुडुमकेला चला गया। आरोपी के बयान के बाद पुलिस ने क्राइम सीन भी रिक्रिएट किया। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक शरद चन्द्रा, एएसआई राजेश मिश्रा, विल्फ्रेड मसीह, आरक्षक उधो पटेल, राजेश राठौर, खगेश्वर नेताम महिला आरक्षक लीना श्रीवास की अहम भूमिका रही है ।





