कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सूदखोरों की दंबगई का मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने बेटी की शादी के लिए उधार लिया था और ब्याज के साथ सारी रकम लौटा दी। इसके बाद भी सूदखोर ने उसके दस्तावेज नहीं लौटाए और एटीएम व पासबुक अपने पास रखा। जब वेतन आता तो पूरा खाता खाली कर देते और शख्स को खर्च के लिए सिर्फ 10 हजार रुपए देते थे। जब उसके परिवार ने इसका विरोध किया तो सूदखोरों ने गालियां देते हुए उन्हें धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई और फिलहाल सूदखोरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक सर्वमंगला नगर निवासी रामायण केंवट (50) एसईसीएल कर्मचारी हैं। उनकी जान पहचान बांकीमोंगरा के शांतिनगर निवासी संजय आजाद व वीर बहादुर केशरी से थी। रामायण ने अपनी बेटी की शादी के लिए करीब चार साल पहले दोनों से डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। इस दौरान उसने अपनी पेमेंट स्लिप के अलावा पैन कार्ड, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड दे दिए। रामायण ने समय रहते उधार ली हुई सारी रकम सूद समेत चुका दी।
रामायण केंवट ने बताया कि रुपए लौटाने के बाद भी दोनों ने उसका डेबिट कार्ड नहीं लौटाया। दोनों हर महीने उनके खाते से सारा वेतन निकाल लेते और बदले में खर्च के लिए 10 हजार रुपये देते थे। इससे परिवार को गुजर बसर करने में परेशानी हो रही थी। तंग आकर एसईसीएल कर्मी की पत्नी और पुत्री रकम मांगने आरोपियों के पास पहुंचे तो दोनों ने उन्हें धमकी दी। इसके बाद मां बेटी पुलिस के पास पहुंचे और मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों गिरफ्तार कर लियाप् पुलिस को आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग लोगों के 20 आधार कार्ड, छह एटीएम कार्ड, 20 पैन कार्ड, 20 परिचय पत्र, 40 पेमेंट स्लिप सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।




