ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद से भारत के अमेरिका से बिगड़ जाएंगे रिश्ते?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNationalWorld

S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद से भारत के अमेरिका से बिगड़ जाएंगे रिश्ते?

By @dmin
Published: November 17, 2021
Share
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी) । S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद से भारत के अमेरिका से बिगड़ जाएंगे रिश्ते? जानें- फायदे और नुकसान
रिपोर्ट्स बता रही हैं कि भारत को रूसी एयर डिफेंस सिस्टम S-400 की डिलीवरी शुरू हो चुकी है। इसकी पहली यूनिट इस साल के आखिरी तक शुरू होने की उम्मीद है। भारत द्वारा रूस से S-400 खरीदने को लेकर भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। लेकिन क्यों, आइए समझने की कोशिश करते हैं।

पहले S-400 को समझ लेते हैं
S-400 दुनिया के सबसे एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम में से माना जाता है। यह एक लंबी दूरी की सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम है। S-400 में ड्रोन, मिसाइल, रॉकेट और यहां तक ​​कि लड़ाकू जेट सहित लगभग सभी तरह के हवाई हमलों से बचाने की क्षमता है। रिपोर्ट बताती है कि यह एक साथ 400 किलोमीटर दूरी तक 72 टारगेट को एक साथ तबाह कर सकती है।

भारत इस एयर डिफेंस सिस्टम को चीन और पाकिस्तान के लड़ाकू विमान के हमलों के काट के तौर पर देख रहा है। भारत को चिंता इस बात की है कि चीन ने मार्च 2014 में रूस से S-400 का आर्डर दिया था और 2018 में डिलीवरी शुरू हो गई थी। पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के दौरान, जो मई 2020 में शुरू हुआ और अनसुलझा रहा, चीन ने कथित तौर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास S-400 को तैनात किया था।

अमेरिका क्यों लगाएगा प्रतिबंध?
रूस से S-400 खरीद को लेकर अमेरिका खफा है। इसके कई कारण है। अमेरिका सालों से चाहता है कि भारत रूसी रक्षा प्रणालियों पर अपनी निर्भरता खत्म कर दे। पिछले कुछ सालों में भारत ने अमेरिका से रक्षा आयात बढ़ाया है। हालांकि इस सबके बावजूद रूस सबसे बड़ा हथियार सप्लाइर बना हुआ है।

लेकिन चिंता की बड़ी वजह अमेरिका द्वारा पारित 2017 के कानून काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट (CAATSA) से है। इस कानून का मकसद ईरान, रूस और उत्तर कोरिया को सबक सिखाने से है। इसी कानून में रूसी रक्षा और खुफिया क्षेत्रों के साथ लेनदेन को लेकर लिस्टेड 12 प्रतिबंधों में से कम से कम 5 प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमेरिका ने लंबे समय से नाटो के सहयोगी रहे तुर्की पर दिसंबर 2020 में S-400 की खरीद को लेकर प्रतिबंध लगाए थे।

भारत ने दिया था जवाब
जनवरी 2021 में अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि अगर भारत S-400 की खरीद के साथ आगे बढ़ता है, तो भारत पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच एक ग्लोबल स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप है। भारत का रूस के साथ भी एक ख़ास स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप है। भारत ने हमेशा से एक स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई है और यह हमारे डिफेंस सेक्टर से जुड़े मसलों में भी लागू होता है।

हाल ही में दो अमेरिकी सीनेटर ने कथित तौर पर राष्ट्रपति जो बाइडेन को चिट्ठी लिखा था जिसमें उन्होंने भारत को प्रतिबंधों से माफी देने की बात कही थी। अब जब S-400 की डिलीवरी शुरू हो चुकी है तो यह देखा जाना है कि अमेरिका क्या कार्रवाई करने को तैयार है, खासकर तब जब उसने चीन से मुकाबला करने को हिंद-प्रशांत को अपना मुख्य क्षेत्र बनाया है।

जल की बर्बादी रोकने निगम उठाएगा सख्त कदम, विभाग की हुई बैठक, प्रभारी केशव चौबे रहे मौजूद
नए साल में छत्तीसगढ़ ने देश में लहराया परचम…. राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा छत्तीसगढ़ के लोक संगीत का वाद्य वैभव
ग्रामीण औद्योगिक पार्क के माध्यम से गांधी जी का सुराज का सपना छत्तीसगढ़ में हो रहा साकार
छात्रा से अश्लील बातें व छेड़छाड़ करता था शिक्षक, FIR हुई तो खुद को पागल बता मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती हुआ शातिर
शादी से खुश नहीं थी युवती, तीन दिन बाद ससुराल पहुंचते ही लगा ली फांसी, सुसाइड नोट में लिखी यह बात
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article करतारपुर कॉरिडोर के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू: 18 को रवाना होगा पहला जत्था, कोरोना टीकाकरण सर्टिफिकेट जरूरी
Next Article बड़ा सवाल: वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद क्या कोरोना टेस्ट जरूरी, जानें सीडीसी का जवाब तेज वैक्सीनेशन के साथ ही छत्त्तीसगढ़ में टीकों की कमी….. पहली व दूसरी डोज के लिए चाहिए इतने टीके…. मुख्यमंत्री बघेल ने एक करोड़ टीके उपलब्ध कराने पीएम मोदी को लिखा था पत्र

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?