नईदिल्ली। लगातार गिरने के बाद भारतीय करेंसी यानी रुपए ने दमदार वापसी की है। सोमवार 30 मार्च को शुरुआती कारोबार में रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से शानदार रिकवरी करते हुए 128 पैसे मजबूत हो गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 93.57 के स्तर पर खुला, जो कि शुक्रवार के बंद भाव 94.85 के मुकाबले 1.3% की बड़ी बढ़त है। इस रिकवरी के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के एक अहम फैसले को कारण माना जा रहा है।

दरअसल डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहे रुपये को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार देर रात बैंकों के लिए नए नियम जारी किए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे विदेशी मुद्रा बाजार में अपनी ‘नेट ओपन पोजीशन’ (NOP) को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखें। इसका मतलब है कि बैंक अब डॉलर की बहुत बड़ी होल्डिंग यानी सट्टेबाजी के लिए नहीं रख पाएंगे। बैंकों को यह नियम 10 अप्रैल तक लागू करना होगा। अनुमान है कि बैंकों के पास ऐसी पोजीशन 25 अरब डॉलर से लेकर 50 अरब डॉलर तक हो सकती है, जिसे अब उन्हें बाजार में बेचना होगा।
जानिए क्या है विशेषज्ञों की राय
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पाबरी के मुताबिक, बैंकों द्वारा पोजिशन कम करने की प्रक्रिया के चलते बाजार में डॉलर बिक सकता है, जिससे अल्पावधि में रुपये को राहत मिल रही है। हालांकि यह मजबूती मूलभूत आर्थिक बदलाव के बजाय तकनीकी कारणों से है। इसके बावजूद रुपये पर दबाव बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर बना हुआ है, जो वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती को दर्शाता है। वहीं कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर हैं, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देश में डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है।




