ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: विष्णुभोग धान से निर्मित राखियों की बढ़ी डिमांड, गुजरात और लुधियाना से मिले ऑर्डर
Share
Notification Show More
Latest News
खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
October 1, 2026
रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
October 1, 2026
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न
October 1, 2026
वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
October 1, 2026
नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी
खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश
October 1, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

विष्णुभोग धान से निर्मित राखियों की बढ़ी डिमांड, गुजरात और लुधियाना से मिले ऑर्डर

By Mohan Rao Published August 17, 2026
Share
SHARE

दिल्ली की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में छाईं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की राखियां, रचनात्मकता ने खींचा व्यापारियों का ध्यान

रायपुर।  छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत और रचनात्मकता अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। विकासखंड पेंड्रा की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय विष्णुभोग धान से तैयार की गई आकर्षक राखियों ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में देशभर से पहुंचे व्यापारियों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी के बाद अब गुजरात और लुधियाना से इन राखियों के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिससे जिले की महिला उद्यमियों में उत्साह का माहौल है।

दिल्ली में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित बायोफेच इंडिया ईंटो ऑर्गेनिक प्रदर्शनी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इस राष्ट्रीय मंच पर जिले के विष्णुभोग धान, शहद तथा विष्णुभोग धान से निर्मित राखियों को प्रदर्शित किया गया। इनमें विष्णुभोग धान से तैयार राखियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। स्थानीय कृषि उत्पाद को रचनात्मकता के साथ उपयोग में लाकर तैयार की गई इन राखियों ने अपनी विशिष्टता के कारण प्रदर्शनी में पहुंचे व्यापारियों और आगंतुकों का ध्यान खींचा।

विष्णुभोग धान से राखी बनाने की अनूठी पहल
विष्णुभोग धान जीपीएम की विशिष्ट पहचान रखने वाले स्थानीय उत्पादों में शामिल है। महिला स्व-सहायता समूहों ने इसी स्थानीय उत्पाद को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ते हुए राखी निर्माण में इसका रचनात्मक उपयोग किया। स्थानीय संसाधन और महिलाओं की सृजनात्मक क्षमता के इस मेल ने एक ऐसे उत्पाद को जन्म दिया, जिसमें जिले की पहचान, ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में इन राखियों को मिली सराहना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय संसाधनों से तैयार गुणवत्तापूर्ण और नवाचार आधारित उत्पादों के लिए देशभर में बाजार की संभावनाएं मौजूद हैं। गुजरात और लुधियाना से मिले ऑर्डर ने इन महिला समूहों के उत्पादों के लिए नए बाजार के द्वार खोल दिए हैं।

बिहान समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों में जिले के उत्पादों को प्रदर्शित कर उन्हें संभावित खरीदारों और व्यापारियों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में जिले के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए व्यापारियों तक पहुंचने का अवसर मिला। इसका प्रत्यक्ष परिणाम गुजरात और लुधियाना से प्राप्त राखियों के ऑर्डर के रूप में सामने आया है।

महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास, रोजगार के नए अवसर
राज्यों से प्राप्त ऑर्डर से राखी निर्माण में जुटी महिला स्व-सहायता समूहों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्वरोजगार का अवसर मिलने के साथ अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का मंच भी मिल रहा है। विष्णुभोग धान से तैयार राखियां महिला समूहों की आय बढ़ाने का माध्यम बनने के साथ-साथ जिले के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिला रही हैं। इससे महिलाओं को अपने हुनर को व्यावसायिक अवसर में बदलने का अवसर मिल रहा है और वे परिवार की आय में योगदान देने के साथ आर्थिक रूप से अधिक सशक्त हो रही हैं।

‘लोकल से ग्लोबल’ की ओर बढ़ता गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
बिहान महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय धान से तैयार राखियों को गुजरात और लुधियाना जैसे दूरस्थ बाजारों से ऑर्डर मिलना इस बात का संकेत है कि जिले के स्थानीय उत्पादों में राष्ट्रीय स्तर पर बाजार की मजबूत संभावनाएं हैं। महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास मिलकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। विष्णुभोग धान से निर्मित राखियों की राष्ट्रीय स्तर पर बनी पहचान जिले के लिए गौरव का विषय होने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की सफलता की प्रेरक कहानी भी बन रही है।

You Might Also Like

खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न

वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश

Mohan Rao August 17, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article राज्यपाल डेका ने स्वतंत्रता दिवस पर नेत्रहीन छात्राओं को दिया स्मार्ट स्टिक
Next Article हीलर हर्बल गार्डन योजना से वैद्यों को मिलेगा नया संबल, बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम ने किया योजना का शुभारंभ
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?