अयोध्या (एजेंसी)। राममंदिर निर्माण के लिए 40 फीट गहराई तक की गई नींव की खुदाई के दौरान एक चरण पादुका सहित प्राचीन पाषाण व कुछ खंडित मूर्तियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। जिन्हें ट्रस्ट ने सुरक्षित रखवाया है, इसकी पुरातात्विक जांच कराई जाएगी। इससे पूर्व भी जन्मभूमि परिसर के समतलीकरण कार्य में कई प्राचीन अवशेष प्राप्त हो चुके हैं।
राममंदिर की नींव के लिए 450 गुणे 250 मीटर के क्षेत्र में खुदाई की गई है। 40 फीट गहराई तक खुदाई का कार्य होने के बाद जब प्राकृतिक मिट्टी मिलनी शुरू हो गई तो काम रोक दिया गया। इसके बाद विगत दिनों गर्भगृह स्थल पर प्रायश्चित पूजन के बाद नींव की भराई के लिए समतलीकरण का काम प्रारंभ किया गया है।
अभी उत्तर-पूर्व दिशा में मानस भवन के आसपास नींव के समतलीकरण का काम किया जा रहा है। करीब दो महीने तक चले नींव की खुदाई के काम के दौरान कुछ प्राचीन अवशेष भी मिले हैं। खुदाई के दौरान एक चरणपादुका और कई छोटे-बड़े प्राचीन पाषाण व कुछ खंडित मूर्तियों के अवशेष भी मिले हैं।
गिराए गए भवनों के हो सकते हैं अवशेष
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि खुदाई के दौरान करीब 20 फीट तक कुछ अवशेष प्राप्त हुए हैं। इसके बाद से अच्छी मिट्टी मिलनी शुरू हो गई थी। कहा कि चूंकि रामजन्मभूमि के समतलीकरण के दौरान परिसर स्थित कुछ मंदिरों व भवनों को गिराया गया था। ऐसे में यह माना जा रहा है कि ये उन्हीं के अवशेष हो सकते हैं।
खुदाई के दौरान चरणपादुका, सिलबट्टा, प्राचीन पाषाण व चौखट सहित कुछ खंडित मूर्तियों के अवशेष मिले हैं। कुछ पत्थर ऐसे भी मिले हैं जिन पर नक्काशी की गई है वह मूर्तियों की तरह हैं।
बताया कि इन सभी अवशेषों को सुरक्षित रखा गया है। इन सभी की पुरातात्विक जांच कराई जाएगी। राममंदिर निर्माण के लिए अब तक हुए समतलीकरण एवं खुदाई में मिले अवशेषों को निकट भविष्य में मंदिर बन जाने के बाद परिसर में ही संग्रहालय बनाकर रखा जाएगा।




