रायपुर। सोशल मीडिया पर एक आदेश वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ के गृह विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक आदेश जारी हुआ है जिसमें हिन्दूराष्ट्र बनाने वाले व अंधविश्वास फैलाने वालों पर राजद्रोह का केस दर्ज करने कहा गया है। यह पत्र छत्तीसगढ़ के गृहविभाग के अवर सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव के नाम पर जारी किया गया। वायरल पत्र की जानकारी मिलते ही मनोज कुमार श्रीवास्तव ने राखी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में राखी पुलिस ने धारा 419, 469 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राखी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मंत्रालय महानदी भवन छत्तीसगढ शासन के गृह विभाग में अवर सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को शाम करीब 6:27 बजे उन्हें गृह विभाग के सचिव के जरिये सोशल मिडिया वाट्सएप में वायरल हो रहें, एक फर्जी पत्र के बारे में पता चला। यह पत्र समस्त पुलिस अधीक्षक छत्तीसगढ को सम्बोधित करते हुए लिखा गया है।
इस पत्र में विषय कश्मिरी पंडित की तरह पलायन किये कान्यकुंज, सरयुपा़रिण या अन्य पुजारी ब्राह्मन जो छत्तीसगढ के पुरातात्विक मंदिरों में अनाधिकृत कब्जा कर छत्तीसगढ में हिंदू राष्ट्र बनाने, अंधविश्वास फैलाने वाले कान्यकुंज, सरयुपा़रिण या अन्य पुजारियों पर राजद्रोह का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की बात लिखी गई है। उक्त पत्र के अंत में मनोज कुमार श्रीवास्तव का नाम व पदनाम व हस्ताक्षर भी दर्ज है। गृह विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि वायरल पत्र पूरी तरह से फर्जी है और उन्हें बदनाम करने के लिए इस प्रकार की कूटरचित साजिश की गई है।
मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। उन्होंने इस प्रकार का फर्जी पत्र तैयार कर छत्तीसगढ़ गृह विभाग को बदनाम करने वाले अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में राखी थाना प्रभारी लक्ष्मी जायसवाल ने कहा कि अवर सचिव मनोज श्रीवास्तव की शिकायत पर धारा 419, 469 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। कूटरचित दस्तावेज सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध कायम कर आरोपी की तलाश की जा रही है।




