नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज समाप्त हो गई है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समिति द्वारा लिए गए फैसलों की घोषणा की। अगले कुछ महीने अर्थव्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। आरबीआई ने रेपो रेट स्थिर रखी है यानी ग्राहकों को सस्ती ईएमआई के लिए इंतजार करना होगा। मालूम हो कि केंद्रीय बैंक इस साल फरवरी से नीतिगत दर या रेपो दर में 1.15 फीसदी की कटौती कर चुका है। आखिरी बार मई में ब्याज दरों में 0.40 फीसदी और मार्च में 0.75 फीसदी की कटौती की गई थी। शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक दो दिसंबर को शुरू हुई थी।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की प्रेसवार्ता की अहम बातेंं
गवर्नर दास ने कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि अर्थव्यवस्था में पर्याप्त नकदी उपलब्ध हो। जरूरत पडऩे पर हम सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। दास ने कहा कि अगली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ निगेटिव से पॉजिटिव में लौटने की उम्मीद है। आरबीआई ने अगली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 0.10 फीसदी कर दिया है। वहीं, चौथी तिमाही के दौरान देश की जीडीपी ग्रोथ 0.70 फीसदी रहने का अनुमान है। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ -7.5 फीसदी रह सकती है। उन्होंने बताया कि भारतीय सरकार की ओर से जारी राहत पैकेज से रिकवरी आई है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि कॉमर्शियल बैंक 2019-20 के लिए लाभांश का भुगतान नहीं करेंगे। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी रहने का अनुमान है। रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम अगले कुछ दिनों में 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध होगा। बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक के खुलने और बंद होने का इंतजार नहीं करना होगा।




