ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: रेलवे ट्रैक का आधुनिक एवं उन्नत मशीनों से किया जा रहा है रख रखाव, बीते 10 माह में की गई 4800 किमी से अधिक प्लेन ट्रैक टैंपिंग
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

रेलवे ट्रैक का आधुनिक एवं उन्नत मशीनों से किया जा रहा है रख रखाव, बीते 10 माह में की गई 4800 किमी से अधिक प्लेन ट्रैक टैंपिंग

By Mohan Rao
Published: February 6, 2024
Share
ट्रैक मशीन द्वारा किया जा रहा रेलवे ट्रैक का मेंटेनेंस
SHARE

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 70 से अधिक ट्रैक मशीन रेलवे पटरियों की कर रहे हैं रखवाली

भिलाई। भारतीय रेलवे के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लगभग 5480 ट्रैक रूट किलोमीटर रेल लाइन के साथ प्रतिदिन औसत लगभग 360 यात्री गाड़ियों के साथ-साथ माल गाड़ियों का भी परिचालन करती है। इतनी बड़ी संख्या में रेल लाइनों पर गाड़ियों के परिचालन से निश्चित ही रेल लाइनों का समयानूसार आवश्यक मेंटेनेंस कार्य की आवश्यकता होती है। रेल परिचालन जितना महत्वपूर्ण है उतना ही जरूरी रेल पटरियों का मेंटेनेंस भी है। इसके लिए रेलवे द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से रेलवे पटरियों का रखरखाव कर रहा है।

इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रेल लाइनों का ट्रैक मशीनों के द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 के अप्रैल2023 से जनवरी 2024 तक पिछले 10 महीनों में 4800 किलोमीटर से भी अधिक प्लेन ट्रैक की टैंपिंग का कार्य किया गया है, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है । ट्रैक मेंटेनेंस के दौरान दिन हो या रात, सर्दी हो या बरसात 24 घंटे रेल कर्मचारी एक-एक मिनट के समय का सदुपयोग करते हुए संरक्षित रेल परिचालन के लिए कार्य करता है । इसके साथ ही साथ इन्ही दौरान  रेलवे लाइनों पर ट्रैको के रिनिवल एवं मेंटेनेंस करनेवाली मशीनों से भी कार्य लिया जाता है । वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने 74 ट्रैक मशीनों के साथ ट्रैक रखरखाव एवं अनुरक्षण के कार्य में मुस्तैदी के साथ कार्यरत है । ट्रैक मशीनों मे मुख्यतः सीएसएम, ड्योमैटिक, एमपीटी, यूनिमेट, बीसीएम, एफ़आरएम, बीआरएम, पीक्यूआरएस, टी28, आदि शामिल हैं । इन मशीनों के संचालन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के ट्रैक मशीन विभाग में लगभग 700 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है ।

सुरक्षित सफर के लिए मेंटेनेंस जरूरी
रेल लाइनों के मेंटेनेंस में मुख्य रूप से रेल लाइनों की लाइनिं, लेवलिंग एवं अलाइनमेंट बहुत ही महत्वपूर्ण है इसके साथ ही साथ रेल लाइनों के नीचे बिछा हुआ गिट्टी या बैलास्ट, जो कि लाइनों के लिए कुशन का कार्य करती है तथा रेल लाइनों के ऊपर पड़ने वाली गाड़ियों के भार को सही मात्रा में बांटकर रेल यात्रियों के आरामदायक यात्रा को सुनिश्चित करने में मदद करती है। रेल यात्रियों के संरक्षित सफर को सुनिश्चित करने में रेल लाइनों के मेंटेनेंस कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नए जरूरतों को देखते हुए रेलवे द्वारा अत्यधिक आधुनिक मशीन का प्रयोग किया जा रहा है। इन अत्याधुनिक मशीन के द्वारा रेल ट्रैक के रखरखाव से संबंधित अनेक प्रकार के कार्य सुगमता से सरलता से किए जाते हैं। मशीन के द्वारा कार्य में लागत अत्यधिक कम आती है, और साथ-साथ में रेल ट्रैक की भारी संरचना के कार्य को भी सरल एवं सुरक्षित तरीके से कर देती है जिससे ट्रैक कर्मियों की सुरक्षा भी बनी रहती है।

130 किमी तक पहुंच चुकी है गति
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तीसरी लाइन, चौथी लाइन एवं नई लाइन के निर्माण कार्य तथा कार्यरत लाइन के अनुरक्षण एवं मरम्मत के लिए मशीनों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण हो गई है। इसके के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेल में मैनपावर के साथ, उच्च तकनीक के मशीनों का भी इस्तेमाल करके आधुनिक ट्रैक मेंटेनेंस किया जा रहा है। नागपुर से बिलासपुर की मेन लाइन की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे की जा चुकी है । बिलासपुर से झारसुगुड़ा सेक्शन की गति मे वृद्धि का परीक्षण भी किया जा चुका है । आने वाले समय में इस सेक्शन की गति मे भी वृद्धि हो जाएगी । ऐसे में इस मशीनों की आवश्यकता तथा महत्ता और बढ़ गई है । लाखो करोड़ों रेल यात्रियों के विश्वास और भरोसे पर खरा उतरने के लिए जरूरी है कि हमारे यात्रियों के ट्रेनों पर चढ़ने से लेकर उनके गंतव्य पहुँचने तक भारतीय रेलवे की विश्वसनीय एवं भरोसे की मुस्कान हमारे रेल यात्रियों के चेहरे पर लगातार बनी रहे। इस विश्वास को बनाये रखने के लिए हमारे रेल यात्रियों से हमें मेंटेनेंस एवं आवश्यक रेल विकास कार्यों के दौरान होने वाली असुविधा के लिए सहयोग की आशा रहती है।  

भिलाई ब्रेकिंग : डिवाइडर से टकराने से रुंगटा कॉलेज के छात्र की मौत, देर रात लौट रहा था हॉस्टल
प्रेमी जोड़े ने शिवनाथ में लगाई छलांग : युवक ने तैरकर बचाई जान, तीसरे दिन मिली युवती की लाश
गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, सीएम साय करेंगे जगदलपुर में फ्लैग होस्टिंग
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के कथा सुनने लाखों में पहुंच रहे लोग, कई संस्थानों द्वारा किया जा रहा निशुल्क भोग का वितरण
प्रदेश का सबसे बड़ा सेवा पंडाल, भक्तों के लिए विशेष इंतज़ाम, पहले दिन पहुंचे पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article गरीबों का राशन हड़प रहे मुनाफाखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई, चिन्हित राशन दुकाने होंगी सील, लगेगा रासुका
Next Article shreekanchanpath 331 # 14 Sep 2024 shreekanchanpath 114 # 06 February2024

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?