भिलाई। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में वर्षों से पट्टे की मांग कर रहे हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा मानसून सत्र के प्रथम दिवस विधानसभा में उठाए गए प्रश्न के बाद राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र कब्जाधारियों और आवासहीन परिवारों को पट्टा देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

आपको बता दें कि विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान विधायक रिकेश सेन ने राजस्व मंत्री से पूछा था कि क्या शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों एवं कब्जाधारियों को भू-स्वामी अधिकार अथवा पट्टा वितरण की कोई योजना विचाराधीन है तथा यह प्रक्रिया कब तक शुरू होगी? इस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में बताया कि छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम, 2023 एवं उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार पात्रता निर्धारण के लिए सभी जिला कलेक्टरों को 8 मई 2026 को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने 15 अगस्त 2026 तक सर्वे कार्य पूरा करने की समय-सीमा तय की है। सर्वे के बाद पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि वैशाली नगर सहित प्रदेश के अनेक शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार वर्षों से भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन पट्टा नहीं होने के कारण उन्हें कई सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि विधानसभा में यह विषय उठाने का उद्देश्य ऐसे परिवारों को कानूनी अधिकार दिलाना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। पट्टा मिलने के बाद पात्र परिवारों को अपनी भूमि पर वैधानिक मालिकाना अधिकार मिलेगा। साथ ही बैंक ऋण, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, संपत्ति का वैध रिकॉर्ड तथा भूमि संबंधी विवादों से राहत जैसी सुविधाएं भी प्राप्त होंगी। हालांकि सरकार ने अभी पट्टा वितरण की अंतिम समय-सीमा घोषित नहीं की है, लेकिन सर्वे पूरा होने के बाद पात्र हितग्राहियों को पट्टा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सदन में दी गई।




