नई दिल्ली (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से गुरुवार को कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। कानपुर से जांच अधिकारी और पुलिस टीम शीघ्र ही दुबे को लाने के लिए उज्जैन पहुंचेगी। वहीं अब कानपुर गोलीकांड के आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने जहां उसके उज्जैन पहुंचने को मिलीभगत बताया है वहीं भाजपा ने उसे जवाब देते हुए सेना और पुलिस का मनोबल गिराने वाला करार दिया है। इसके अलावा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूछा था कि ये गिरफ्तारी है या आत्मसमर्पण।
प्रियंका ने यूपी सरकार को बताया फेल
गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आरोपी का उज्जैन पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शनÓ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की सीबीआई जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगजाहिर करना चाहिए।
नरोत्तम मिश्रा का प्रियंका गांधी को जवाब
प्रियंका के ट्वीट का जवाब देते हुए मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘ये लोग पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं। ये गलवां में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। आज एक कुख्यात अपराधी पकड़ा गया है तो मध्यप्रदेश पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं। ये वो हैं जो सेना और पुलिस का मनोबल गिराने का काम करते हैं।Ó
ये आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी: अखिलेख यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेख यादव ने विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कहा, ‘खबर आ रही है कि ‘कानपुर-कांड का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की सीडीआर सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।




