गुरुग्राम/तावड़ूू (एजेंसी)। राजस्थान में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार के लिए संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में एसओजी (विशेष संचालन समूह) की ओर से पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज रात पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने पूछताछ के लिए इस बुलावे पर भी स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस विधायक दल ने एसओजी से भाजपा नेताओं द्वारा खरीद-फरोख्त की जो शिकायत की थी उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चीफ व्हिप और अन्य कुछ मंत्रियों व विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा उसको अलग ढंग से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

वहीं, रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने साफ तौर पर सार्वजनिक रूप से माना कि वह राजस्थान के हालात को लेकर कांग्रेस के लिए चिंतित हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- पार्टी के लिए चिंतित हूंं। क्या हम तब जागेंगे जब सबकुछ हमारे हाथ से निकल चुका होगा?
बता दें कि राजस्थान में राजनीतिक उठापटक के बीच कांग्रेस से नाराज चल रहे राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट एवं उनके समर्थक 22 विधायक शनिवार को तावडू स्थित आईटीसी ग्रैंड होटल में पहुंचे। हालांकि, देर शाम सचिन पायलट दिल्ली चले गए। कांग्रेस विधायकों के आने के साथ ही होटल के बाहर हरियाणा पुलिस की गतिविधियां बढ़ गईं। बता दें कि राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने के आरोप में सवाल पूछने के लिए एसओजी ने पायलट को नोटिस भेजा था।
सूत्रों के अनुसार यहां विधायकों के आने की सूचना पहले से ही थी। इस कारण होटल के गेट से पहले सड़क पर ही बैरीकेड लगाकर सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। विधायकों के आने के बाद सुरक्षाकर्मी काफी सतर्क हो गए और होटल में आने वालों को कड़ी पूछताछ के बाद प्रवेश दिया गया। पुलिस भी होटल के बाहर चक्कर लगा रही है और यहां आने वाली गाडिय़ों पर नजर बनाए हुए है।
दरअसल, पुलिस को अंदेशा है कि कांग्रेस के नाराज विधायकों को यहां से जबरदस्ती ले जाने के लिए उनकी पार्टी के नेता आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि देर रात होटल में कांग्रेस विधायकों से मिलने के लिए भाजपा नेताओं के आने की संभावना है। कांग्रेस के बागी विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे है और भाजपा इनके सहारे राजस्थान में अपनी सरकार बनाने में जुटी हुई है।




