नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी सरगर्मियां तेज हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला करते वक्त मंगलवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को भाजपा का बी टीम बताया था और कहा था कि बीजेपी एआईएमआईएम को पैसे देकर अल्पसंख्यक वोट बंटवा रही है। जिस पर असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी को करारा जवाब दिया है। ओवैसी ने कहा कि है कि ऐसा कभी कोई पैदा नहीं हुआ, जो असदद्दीन ओवैसी को पैसे से खरीद सके। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अपने घर की चिंता करनी चाहिए।
उनका आरोप बेबुनियाद है और वह बेचैन हैं। उन्हें अपने घर की चिंता करनी चाहिए, यही वजह है कि उनके कई लोग भाजपा में जा रहे हैं। उन्होंने बिहार के मतदाताओं और हमारे लिए वोट करने वाले लोगों का अपमान किया है।
दरअसल, ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को बंगाल में लाने का प्रयास कर रही है ताकि सांप्रदायिक धुव्रीकरण बढ़ाया जा सके और हिंदू-मुस्लिम वोट उनके बीच बंट जाएं। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बिहार विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद घोषणा कि थी की वह अगले साल होने वाले बंगाल चुनाव में भी उतरेगी। बिहार चुनाव में एआईएमआईएम ने पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीती थीं।
ममता बनर्जी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुस्लिम मतों को विभाजित करने के उद्देश्य से हैदराबाद की एक पार्टी को यहां लाने की खातिर भाजपा करोड़ों रूपये खर्च कर रही है। योजना है कि हिंदू मत भाजपा के पाले में चले जाएंगे और मुस्लिम मत हैदराबाद की इस पार्टी को मिल जाएंगे।Ó उन्होंने कहा, ‘Óहाल में हुए बिहार चुनाव में भी उन्होंने यही किया था। यह पार्टी भाजपा की बी-टीम है। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले वर्ष अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं।




