ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: खेतों में अब सिर्फ धान नहीं, खुशबू भी उग रही है, राज्य में 12 हजार हेक्टयेर में फूल की खेती
Share
Notification Show More
Latest News
सिंगापुर में छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास के लिए किया एमओयू, एग्रो प्रोसेसिंग में 350 करोड़ का नया निवेश
October 7, 2026
नकली सोने की पत्तियां असली बताकर ज्वेलर्स को लगाया 19 लाख का चूना, 6 आरोपी गिरफ्तार
October 6, 2026
नवरात्रि में श्रद्धालुओं को सुविधा, डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलेगा ठहराव
October 6, 2026
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता… रायपुर संभाग बना ओवरऑल चौम्पियन
October 6, 2026
अंगदान की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर कैसे भरेगा मध्य प्रदेश! – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
अंगदान की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर कैसे भरेगा मध्य प्रदेश! – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
October 6, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

खेतों में अब सिर्फ धान नहीं, खुशबू भी उग रही है, राज्य में 12 हजार हेक्टयेर में फूल की खेती

By Mohan Rao Published December 25, 2025
Share
SHARE

रायपुर। छत्तीसगढ़ के खेतों में अब धान की फसल के साथ-साथ खुशबू और रंग भी लहलहाने लगे हैं। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए प्रदेश के किसान तेजी से पुष्प खेती की ओर रुख कर रहे हैं। बीते ढाई वर्षों में राज्य में फूलों की खेती का रकबा 3405 हेक्टेयर बढ़ा है और उत्पादन 35 हजार 866 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यह बदलाव न सिर्फ खेती के स्वरूप को बदल रहा है, बल्कि किसानों की आमदनी में भी नई खुशहाली घोल रहा है।

राज्य सरकार की फसल विविधिकरण नीति के तहत वर्तमान में पुष्प फसलों का कुल रकबा 12 हजार हेक्टेयर हो चुका है। किसान अब ग्लेडियोलस, रजनीगंधा और गेंदा जैसे फूलों की खेती कर रहे हैं, जिन्हें बाजार आसानी से मिल जाता है। मांग स्थिर होने के कारण फूल किसानों के लिए नगदी फसल बनते जा रहे हैं। केंद्र परिवर्तित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार से 2.50 लाख रुपए की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, यानि किसानों को 20 हजार से एक लाख रुपए तक की सहायता सीधे मिल रही है।

उद्यानिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्लेडियोलस और रजनीगंधा फूल की अधिकतम दो हेक्टेयर में खेती पर अनुदान की पत्रता का प्रावधान है, जो कि 2.5 लाख की इकाई लागत पर एक लाख रुपए है। राज्य में इस वर्ष 125 हेक्टेयर में ग्लेडियोलस तथा 50 हेक्टेयर में रजनीगंधा पुष्प की खेती का लक्ष्य रखा गया है। गेंदा फूल की खेती के लिए इस वर्ष 1200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इसकी खेती करने पर 50 हजार की लागत पर 20 हजार रुपए अनुदान का प्रावधान है। इस तरह राज्य में कुल 1375 हेक्टेयर क्षेत्र में पुष्प खेती के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य में संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस और शेडनेट में एंथुरियम, ऑर्किड, कार्नेशन, जरबेरा, गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम जैसे उच्च मूल्य वाले फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। एंथुरियम और ऑर्किड के लिए 4000 वर्गमीटर तक 1000 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसी तरह गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम पर 45 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पुष्प खेती किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को कृषि से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सरकार अनुदान, तकनीक और बाजार की व्यवस्था कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फूलों की खेती का बड़ा केंद्र बनेगा। पुष्प खेती अब किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत साधन बन रही है। सरकारी प्रोत्साहन, बाजार की मांग और नई तकनीक के सहारे छत्तीसगढ़ के खेतों में फूलों की यह खुशबू दूर-दूर तक फैलने लगी है।

You Might Also Like

सिंगापुर में छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास के लिए किया एमओयू, एग्रो प्रोसेसिंग में 350 करोड़ का नया निवेश

नकली सोने की पत्तियां असली बताकर ज्वेलर्स को लगाया 19 लाख का चूना, 6 आरोपी गिरफ्तार

नवरात्रि में श्रद्धालुओं को सुविधा, डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलेगा ठहराव

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता… रायपुर संभाग बना ओवरऑल चौम्पियन

अंगदान की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर कैसे भरेगा मध्य प्रदेश! – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

Mohan Rao December 25, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article किसानों के हित में 11 परियोजनाओं के लिए लगभग 199 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति
Next Article shreekanchanpath 72 # 25 December 2025
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?