भिलाई। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) ने छात्रों को इनकम टैक्स के प्रति सजग करने एक नया सिलेबस तैयार किया है। 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम में नया सिलेबस जोड़ा गया है। कक्षा-9 के पाठ्यक्रम में व्यक्तिगत आयकर को शामिल किया है। यानी अब 9वीं के छात्र अपने सिलेबस में इनकम टैक्स पड़ेंगे। इसके जरिए ईमानदारी से कर चुकाने को नागरिकों का एक महत्वपूर्ण दायित्व बताने वाला संदेश भी दिया गया है।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह महीने बाद, मंगलवार को ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ शीर्षक से किताब जारी की गई। किताब में बताया गया है कि टैक्स का ईमानदारी से और समय पर भुगतान करना हर नागरिक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इससे मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल देश के विकास के लिए होता है। एनसीईआरटी के प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, अब कक्षा 9 के विद्यार्थी नई कर व्यवस्था के तहत वास्तविक स्लैब के आधार पर आयकर की गणना कर सकेंगे। इस आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तक में इस तरह की गणना को शामिल करना पहली बार हुआ है।
किताब में कर भुगतान को केवल वित्तीय प्रक्रिया के तौर पर नहीं समझाया गया है। इसे नागरिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि करों का ‘ईमानदारी से और समय पर’ भुगतान करना हर नागरिक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। किताब में बताया गया है कि पैसे का सही प्रबंधन केवल अधिक कमाई करने तक सीमित नहीं है। इसमें जीवन के हर चरण में सोच-समझकर वित्तीय फैसले लेना भी शामिल है। इसमें खर्च करना, बचत, निवेश, जोखिम से सुरक्षा, जिम्मेदारी से कर्ज लेना और करों का भुगतान करना शामिल है।





