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राष्ट्रीय ज्योतिष शोध सम्मेलन 16 को कला मंदिर सिविक सेंटर में, देशभर के ज्योतिषी होंगे शामिल

By Mohan Rao
Published: February 15, 2025
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भिलाई। ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान भिलाई दुर्ग छत्तीसगढ़ द्वारा राष्ट्रीय ज्योतिष शोध सम्मेलन का आयोजन कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई जिला-दुर्ग में दिनांक 16 फरवरी 2025 को किया जा रहा है। यह सम्मेलन ज्योतिष के क्षेत्र में राज्य एवं देश के विभिन्न राज्यो से आये विद्वान ज्योतिषियों के लिए उनके द्वारा किए गए शोध एवं अनुभव को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से साझा करने के लिए एक उल्लेखनीय मंच प्रदान करेगा। हम सभी इस सम्मेलन को आपने उद्देश्य में सफल बनाने हेतु कडी मेहनत कर रहे। निश्चित रूप से यह आयोजन आपने उद्देश्य की प्राप्ति में पूर्ण सफल होगा।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान भिलाई दुर्ग की स्थापना ज्योतिषय शोध के माध्यम से ज्योतिष को एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिये जाने के लिए की गई है। पूर्व में कार्यरत संस्था को पुर्नगठित करते हुए दिनाक 24.07.2023 को ज्योतिष विज्ञान शोध संस्थान का पंजीयन फर्म्स सोसायटी एक्ट के तहत किया गया है। रविवार को होने वाले राष्ट्रीय ज्योतिष शोध सम्मेलन में विद्धान ज्योतिष गण अपने ज्योतिषी अनुभव एवं शोध पत्र प्रस्तुत करेगें।

राष्ट्रीय ज्यातिष शोध सम्मेलन में संस्कृत भाषा जो भारत की प्राच्य भाषा है, जिसे देव वाणी कहा जाता है। संस्कृत भाषा में ही हमारे चारो वेद, उपनिषद, पुराण एवं प्राचीन ज्योतिष ग्रठ्थो की रचना महान ऋषियों, मुनियों एवं विद्वान जनों द्वारा की गई है। संस्कृत भाषा एवं ज्योतिष का अन्तर संबंध है। इन संबंधों को परिभाषित करने हेतु सम्मेलन में विशेष सत्र आयोजित किया गया है। हम सभी इस प्राच्य भाषा को पूर्व की भांति प्रतिष्ठित करने के जिल प्रतिबद्ध है। इस अन्तर संबंध पर विद्वान ज्योतिषगण एवं सस्कृतविद अपने बहुमुल्य अनुभव एवं शोध तथा सुझाव प्रस्तुत करेगे। सम्मेलन आयोजन के अवसर पर स्मारिका के रूप में ज्योतिष दर्शन पत्रिका का प्रकाशन करने जा रहे है। इसके अलावा सम्मेलन के दिन दिनांक 16 फरवरी 2025 को विद्वान ज्योतिषियों के माध्यम से निःशुल्क ज्योतिषीय परामर्श  भी दिया जावेगा।

इन विषयों पर होगें शोध प्रस्तुत

  • वर्तमान परिदृश्य में जन्म समय निर्धारण एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में विवाह एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में प्रारंभिक शिक्षा व उच्च शिक्षा एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में व्यवसाय एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में संतान एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में धनसंचय एवं ज्योतिषीय शोध ।
  • वर्तमान परिदृश्य में स्वास्थ्य एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में विदेश प्रवास एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में शेयर मार्केट एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में आत्मधात एवं ज्योतिषीय शोध।
  • वर्तमान परिदृश्य में मोक्ष प्राप्ति एवं ज्योतिषीय शोध।
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