मुंबई (एजेंसी)। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस महामारी की वजह से हालात बदतर बने हुए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार की रात इसे लेकर राज्य को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में संसाधनों की कमी का हवाला देते हए केंद्र सरकार से मदद मांगी तो लोगों की जान बचाने की प्राथमिकता की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। बता दें कि महाराष्ट्र में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 60,212 नए मामले सामने आए। इस दौरान उन्होंने फिलहाल लॉकडाउन की आशंका से इनकार किया लेकिन कई सख्त प्रतिबंध लागू करने की बात कही।
कोरोना वायरस की पहली लहर के दौरान इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहा राज्य महाराष्ट्र दूसरी लहर में भी इसके प्रकोप का सबसे ज्यादा सामना कर रहा है। राज्य में रिकॉर्ड संख्या में दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य की जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य संसाधनों की कमी पर बात की और कहा कि टीकाकरण के माध्यम कोरोना वायरस संक्रमण को काबू में किया जा सकता है।
माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री ठाकरे इस दौरान लॉकडाउन का एलान कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ठाकरे ने कहा कि सरकार अभी राज्य में लॉकडाउन लागू करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बुधवार से प्रदेश में नई पाबंदियां लागू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने जनता से मास्क पहनने और शारीरिक दूरी के नियम के साथ कोविड महामारी से बचाव के लिए जारी किए गए सभी नियमों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की। नए प्रतिबंध 15 दिन तक लागू रहेंगे।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम सख्त प्रतिबंध लागू करने जा रहे हैं तो बुधवार की रात आठ बजे से प्रभाव में आ जाएंगे। कल से पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू हो जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि मैं इन प्रतिबंधों को लॉडाउन का नाम नहीं दूंगा।उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेन और बस सेवा केवल आवश्यक सेवाओं के लिए चलेगी। पेट्रोल पंप, सेबी से संबंधित वित्तीय संस्थान और निर्माण कार्य चालू रहेंगे। होटल और रेस्तरां बंद रहेंगे लेकिन उन्हें होम डिलीवरी करने की अनुमति होगी।
उद्धव ठाकरे सरकार के अहम फैसले
- बुधवार से पूरे राज्य में धारा 144 लागू होगी, आने-जाने पर पाबंदी
- बुधवार रात आठ बजे से होगी ‘ब्रेक द चेनÓ मुहिम की शुरुआत
- प्रदेश में मीडियाकर्मियों को रहेगी आने-जाने की अनुमति
- राशन कार्ड धारकों को तीन महीने तक दिया जाएगा मुफ्त राशन
- लोकल ट्रेन और बस सेवा केवल आवश्यक सेवाओं के लिए होगी
- बैंकिंग और ई-कॉमर्स सेवाएं जारी रहेंगी, पेट्रोल पंप खुले रहेंगे
- आर्थिक मदद के लिए साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का पैकेज
- 12 लाख मजदूरों को 1500 रुपये की आर्थित सहायता दी जाएगी
- राज्य के रिक्शा चालकों को 1500 रुपये नकद सहायता मिलेगी
- आदिवासियों को 2000 रुपये की आर्थिक मदद देने का फैसला
- प्रदेश के पंजीकृत फेरीवालों को भी आर्थित मदद देगी सरकार
- शिव भोजन थाली के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा




