मुंबई। एवरेस्ट और लालजी गोधू ब्रांड के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रोक लगा दी है। एक शिकायत की जांच के दौरान दोनों कंपनियों के हींग के सैंपल तय खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग में असली हींग की मात्रा निर्धारित सीमा से करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम पाई गई।
दरअसल इस मामले में एक उपभोक्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद एफएसएसएआई ने बाजार में उपलब्ध प्रमुख हींग ब्रांड्स की जांच शुरू की। शुरुआती लैब रिपोर्ट में एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग के सैंपल मानकों से कम गुणवत्ता वाले पाए गए। इसके बाद मुंबई स्थित दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस वाली यूनिट्स से सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए भेजा गया। जांच में इन सभी सैंपल्स को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
नियमों के अनुसार कम्पाउंडेड हींग तैयार करने में असली हींग को गोंद, स्टार्च और आटे के साथ मिलाया जाता है। इसमें कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना जरूरी है। हालांकि जांच के दौरान संबंधित उत्पादों में इसकी मात्रा महज 0 से 3 प्रतिशत के बीच पाई गई। इसका मतलब है कि इन उत्पादों में निर्धारित मानक के मुकाबले असली हींग की मात्रा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम थी। इसी आधार पर एफएसएसएआई ने संबंधित कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
जांच के दौरान लालजी गोधू की यूनिट से ली गई असली हींग की छह अलग-अलग किस्मों के सैंपल भी जांचे गए। नियमों के मुताबिक असली हींग में स्टार्च की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। लेकिन जांच में इन छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई। यानी स्टार्च की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक थी। एफएसएसएआई का यह आदेश केवल संबंधित हींग उत्पादों पर लागू है। कंपनियों के दूसरे मसाला उत्पाद, जैसे अंडा करी मसाला, चिकन करी मसाला और गरम मसाला, इस रोक के दायरे में नहीं हैं।




