अभिनेत्री ने अपनी पहली ही फिल्म के लिए तमाम किलो वजन बढ़ा लिया हो और जिसने भरी जवानी में एक दादी का रोल करने का चैलेंज लिया, उस अभिनेत्री भूमि पेडनेकर को अगर कोई रोल मुश्किल लगे तो जाहिर है उसमें कुछ बात तो होगी। भूमि पेडनेकर की नई फिल्म ‘दुर्गामती शुक्रवार को ओटीटी पर रिलीज हो रही है।
फिल्म ‘दुर्गामतीÓ में भूमि पेडनेकर दो स्वरूपों में दिखने वाली हैं। उनका एक किरदार तो सीनियर ऑफीसल चंचल चौहान का है लेकिन फिल्म में उन्होंने असल इम्तिहान दिया है दुर्गामती की आत्मा के उनके शरीर पर कथित रूप से कब्जाकर लेने के बाद। भूमि का कहना है कि दुर्गामती का किरदार निभाना शारीरिक रूप से बहुत कठिन था।
भूमि कहती हैं, दुर्गामती ने वास्तव में मुझे एक कलाकार के रूप में विस्तार दिया है। फिल्म की श्रेणी और फिल्म में मेरे किरदार की वजह से यह फिल्म शारीरिक तौर पर एक कठिन फिल्म थी। मेरे लिए दुर्गामती निश्चित रूप से मेरी अब तक की शारीरिक रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्म थी और मैने इसके हर एक पल का लुत्फ लिया। फिल्म के ट्रेलर में चंचल के दुर्गामती बनने पर वह बहुत हिंसक भूमिका में देखी जा सकती है।

भूमि कहती हैं कि एक कलाकार के तौर पर भयानक रस की फिल्मों में किसी इस तरह के किरदार को निभाना उनकी इच्छा रही है। भूमि कहती हैं एक कलाकार के तौर पर मैं हर तरह की फिल्में करना चाहती हूं और हॉरर थ्रिलर करना निश्चित रूप से मेरी सूची में सबसे ऊपर था। मैं यह देखना चाहती थी कि क्या मैं इस रस की भूमिका अच्छी तरह से कर सकती हूँ, और मुझे लगता है कि मैंने खुद को ही आश्चर्यचकित कर दिया है।
अपने किरदारों की वजह से अपनी हर फिल्म में सुर्खियां बटोरीने वाली भूमि पेडनेकर का ये भी मानना है कि नाट्य शास्त्र के सभी रसों में भयानक ही ऐसा रस है जिसे निभाना एक अभिनेता के लिए सबसे मुश्किल होता है। वह कहती हैं, यह श्रेणी किसी भी कलाकार के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होती है क्योंकि आपको परत दर परत किरदार को गढऩा होता है। या तो आप दर्शकों को बेहद पसंद आएंगे या फिर आप असफल होंगे क्योंकि आप किरदार से जुड़ नहीं पाए। ऐसी फिल्मों में हॉरर और डर को सिर्फ बेहतरीन अभिनय से ही जीवंत किया जा सकता है। एक कलाकार के लिए ये बहुत चुनौती भरा होता है कि आप शारीरिक भंगिमाओं से किस तरह से दर्शकों से संवाद स्थापित कर पाते हैं, और ये आसान नहीं है।




