पुरी (एजेंसी)। कोरोना का प्रकोप अब भगवानों के द्वार को भी अपनी चपेट में लेने लगा है। कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के कपाट वीकेंड में बंद करने का फैसला किया गया है। श्री जगन्नाथ प्रशासन ने जानकारी दी कि शनिवार और रविवार को मंदिर को सैनिटाइज किया जाएगा। इन दोनों दिनों भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने बताया कि 24 अप्रैल से इस फैसले को लागू किया जाएगा। एक अधिकारी ने जानकारी दी कि ज्यादातर लोग वीकेंड पर दर्शन करने के लिए जाते है, क्योकि राज्य में कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है, इसलिए शनिवार और रविवार को मंदिर बंद रखने का फैसला लिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो पिछले साल की तरह इस साल भी भक्तों के बिना ही रथ यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि सेवकों को तभी रथ यात्रा की अनुमति मिलेगी, जब वो अपने साथ आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर आएंगे। वहीं जो भक्त राज्य के बाहर से आ रहे होंगे, उनके लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट साथ लेना बेहद जरूरी है। उसी के आधार पर उन्हें मंदिर में प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। यही नहीं प्रशासन ने यह भी कहा है कि कोरोना टेस्ट रिपोर्ट 96 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
ओडिशा में भी कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को यहां तीन हजार से ज्यादा मामले सामने आए। अब राज्य में कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़कर तीन लाख के पार हो गई है। वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना से तीन और मरीजों की मौत हो गई और मरने वालों की संख्या 1,938 हो गई। भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण ने कहा कि कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य में सभी केंद्र संरक्षित स्मारक, स्थल और संग्रहालयों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। राज्य में 16 हजार से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। जबकि एक अप्रैल को ये मात्र 2,125 थे।
कोरोना का असर: वीकेंड पर बंद रहेंगे जगन्नाथ मंदिर के कपाट… बढ़ते संक्रमण के कारण सरकार ने लिया फैसला




