दुर्ग। मोदी सरकार की गलत कार्यनीति के कारण छत्तीसगढ़ के नागरिकों को टीकाकरण अभियान बाधित हो रहा है। इसे लेकर एनएसयूआई जिला कार्यकारी अध्यक्ष सोनू साहू ने केंद्र सरकार से राज्य सरकार को सौतेले व्यवहार नहीं करने की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण फैली महामारी को नियंत्रित करने के लिए वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान ही एकमात्र उपाय व विकल्प के रूप में हमारे सामने है। इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए वृहद स्तर का टीकाकरण करवाने की जानकारी देकर एनएसयूआई दुर्ग भी जन जागरूकता के लिए सोशल मीडिया और अपने संपर्क दायरे में आने वाले सभी लोगों को टीकाकरण करवाने के फायदों को बताकर आम जनों को टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित कर रही है।
ऐसे में खास करके एपीएल वर्ग के लोग टीकाकरण केंद्रों पर टिका लगवाने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से टीकाकरण केंद्रों की जानकारी और इन केंद्रों में उपलब्ध टीकों के आधार पर टीकाकरण केंद्रों पर आने के उचित समय की जानकारी ले रही है लेकिन टीकाकरण केंद्रों की संख्या कम होने के कारण टिकाकरण केंद्रों पर भीड़ इक_ा हो रही है और टीका लगवाने के इच्छुक नागरिकों को अव्यवस्थाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए दुर्ग शहर में टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ साथ एपीएल श्रेणी में आने वाले 18 से 44 आयु वर्ग वाले नागरिकों के लिए यथासंभव अधिक संख्या मे टीकाकरण केंद्रों का संचालन करने का निवेदन महापौर और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा कर किया गया है। ताकि अनावश्यक और अनियंत्रित भीड़ की अवांछित स्थिति को टीकाकरण केंद्रों से टाला जाना संभव हो सकेगा।
दुर्ग एनएसयूआई कार्यकर्ता अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा कर रहे है और जिला प्रशासन को लगने वाले किसी भी प्रकार के सहयोग को करने के लिए कार्यकर्ता तैयार है पर आज कलेक्टर और महापौर से मिलने के बाद जो बात सामने आया वह यह है कि केंद्र सरकार छ:ग राज्य सरकार को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध नही करा रही है जिसके कारण जिलों में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में नही पहुंच पा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी पूरे नागरिकों का जल्द से जल्द टीकाकरण हो इसके लिए केंद्र सरकार से 50 लाख डोज वैक्सीन के मांग किए है पर केंद्र की मोदी सरकार छ:ग सरकार को वैक्सीन देने में सिर्फ खाना पूर्ति कर रही है। जिसके कारण 18 से 44 वर्ष के लोगो को वैसिनेस से वंचित होना पड़ रहा है। कलेक्टर के माध्यम से केंद्र सरकार को पत्र लिख करके छ:ग राज्य के युवाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने और केंद्रों की संख्या बढ़कर सामान्य आय वर्ग के 18 से 44 आयु वाले लोगो की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने का निवेदन किया।





