बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में गुरूवार को अहम मोड़ आया। प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लोक भवन जाकर सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धारमैया ने राज्यपाल कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने बताया कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सचिव को इस्तीफा सौंपा है। गहलोत फिलहाल पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को कर्नाटक में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए सीएम का चुनाव होगा। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का सीएम बनना तय माना जा रहा है।
इस्तीफे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल बंगलूरू में नहीं है इसलिए उन्होंने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंपा है। सिद्धारमैया ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा था कि जब भी पार्टी आलाकमान उन्हें कहेगा, वे अपना इस्तीफा दे देंगे। अब पार्टी आलाकमान ने मुझे इस्तीफा देने को कहा है तो इसलिए आज मैंने अपना इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल जब बंगलूरू आएंगे, तब वे उनके इस्तीफा को स्वीकार करेंगे। संविधान के अनुसार, राज्यपाल को मेरा इस्तीफा स्वीकार करना जरूरी है।
13 मई 2023 को पिछली विधनसभा चुनाव के नतीजे सामने आए थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 135 सीटें जीतकर भारी बहुमत से चुनाव जीता, जो 1989 के चुनावों के बाद कर्नाटक में सीटों और वोट शेयर के हिसाब से उनकी सबसे बड़ी जीत है। भारतीय जनता पार्टी दूसरे और जनता दल (धर्मनिरपेक्ष) तीसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद लंबी खींचतान के बाद कांग्रेस आलाकमान ने सिद्दारमैया को सीएम बनाया। वहीं डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम। ढाई साल के कार्यकाल के बाद सिद्दारमैया के इस्तीफे की चर्चा शुरू हुई थी जो अब जाकर पूरी हुई है। अब डीके शिवकुमार का सीएम बनना तय है। कर्नाटक में मई 2028 में विधान सभा चुनाव संभव है। यानी लगभग दो वर्षों के लिए डीके शिवकुमार सीएम की कुर्सी संभालेंगे।




