
भिलाई। चार वर्षों से लंबित वेतन समझौते के खिलाफ सेल व्यापी हड़ताल के तहत बुधवार को संयुक्त मोर्चा द्वारा जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। संयुक्त यूनियनों के प्रतिनिधि व सैकड़ों प्रदर्शन कारी संयंत्र के सभी प्रवेश द्वारों पर जमे रहे। इस दौरान काम पर जाने वाले कर्मियों को भी रोक दिया गया। कहीं कहीं विवाद की स्थिति बनी लेकिन कर्मियों ने वेतन समझौते की मांग पर सहमति देते हुए काम बंद किया। इस वजह से बुधवार को संयंत्र में काम प्रभावित हुआ है। हालांकि प्रबंधन का दावा कुछ और है। बहरहाल बीएसपी के संयुक्त मोर्चा द्वारा हड़ताल को पूरी तरह से सफल बताया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि वेतन समझौते को लेकर संयुक्त यूनियनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में एटक, एचएमएस, सीटू, बीएमएस, इस्पात श्रमिक मंच, स्टील वर्कर्स यूनियन, लोकतांत्रिक इस्पात मजदूर संघ के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। संयुक्त यूनियन द्वारा 29 जून को इक्विपमेंट चौक पर एक दिवसीय भूख हड़ताल किया गया। वहीं आज बीएसपी में काम बंद कर कर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। संयुक्त यूनियनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने बुधवार को सुबह से ही सभी प्रवेश द्वारों को घेर लिया था। इस दौराप खुर्सीपार गेट, मेन गेट, बोरिया गेट, जोरातराई गेट के पास प्रदर्शनकारियों ने बीएसपी व ठेका कर्मियों को संयंत्र में प्रवेश करने से रोक लिया। हंगामें की आंशका को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया।


यह है संयुक्त यूनियनों की प्रमुख मांग
सेल प्रबंधन से 15 प्रतिशत एमजीबी व 35 प्रतिशत पक्र्स मांग रहे हैं। वहीं कर्मियों के पेंशन में 9 प्रतिशत योगदान प्रबंधन का होना चाहिए। इसके अलावा पिछले दिनों टूल डाउन के दौरान 13 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। उनका सस्पैंशन रद्द करने की मांग है। यूनियन ने बताया कि इन मांगों को लेकर 9 जुलाई तक अलग-अलग माध्यमों से प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में शमिल ठेका यूनियन का कहना है कि बीएसपी साहित सेल की तमाम इकाइयों में लगभग 60 प्रतिशत कार्य ठेका मजदूरों से लिया जा रहा है। ठेका श्रमिकों को भी जीने योग्य वेतन पाने का अधिकार है। ठेका यूनियन ने कहा कि ठेका श्रमिकों का वेतन भी बढऩा चाहिए।




