जशपुर। करीब 9 दिन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुक्रवार को पुलिस ने घटना में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस पूरी वारदात के पीछे अंधविश्वास व जमीन विवाद की बातें सामने आई हैं। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपियों ने बचने के लिए काफी चालाकियां की लेकिन पुलिस की पकड़ से दूर नहीं जा सके। आरोपी लगातार इधर-उधर भागते रहे। पुलिस ने भी इनका झारखंड, ओड़िसा, कलकत्ता(पश्चिम बंगाल), एवं सिलीगुड़ी तक पीछा किया और अंतत: यह सभी पुलिस की गिरफ्त में आए।

बता दें 6 अक्टूबर को जशपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में पति-पत्नी व एक युवती का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। यहां पर तीनों की धारदार हथियार मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। मृतकों की पहचान अर्जुन तेंदुआ (45), फिरनी तेंदुआ (42) व संजना तेंदुआ (19) के रूप में हुई थी। एक साथ ही तीन लोगों की हत्या ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। रेंज के आईजी व एसपी के निर्देश पर अलग अलग टीमों को हत्याकांड के आरोपियों की पतासाजी के लिए लगाया था। पुलिस की मेहनत रंग लाई और 9 दिन बाद इस मामले में 6 आरोपियों बिंदेश्वर बंजुआ, प्रेमचंद बंजुआ, मृगपाल बंजुआ, करन तेंदुआ, आरजू तेंदुआ व प्रवीण तेंदुआ को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। सभी कदमटोली घोलेंग के रहने वाले हैं।
इस घटना का खुलासा करते हुए एसपी डी रविशंकर ने हत्याकांड की वजह बताई। दरअसल मृतक अर्जुन तेंदुआ का यहां के बिंदेश्वर बंजुआ, प्रेमचंद बंजुआ, मृगपाल बंजुआ, करन तेंदुआ, आरजू तेंदुआ एवं प्रवीण तेंदुआ से जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। यही नहीं कुछ दिन पहले प्रेमचंद के तीन माह के बच्चे की मौत हो गई थी। इसके लिए भी प्रेमचंद अर्जुन को ही कारण मानता था। प्रेमचंद का मानना था कि अर्जुन तेंदुआ के जादू टोने के कारण ही उसके बच्चे की मौत हो गई थी। यही नहीं एक और मौत को लेकर भी अजुर्न को जिम्मेदार मानता था।
प्लानिंग कर दिया वारदात कां अंजाम
आरोपी मृगपाल बंजुआ ने बताया कि प्रेमचंद बंजुआ उसका-बड़ा भाई, बिंदेश्वर बंजुआ-छोटा भाई, आरजू तेंदुआ-दामाद तथा करन तेंदुआ व प्रवीण तेंदुआ उसका साला है। सभी ने मिलकर 5 अक्टूबर की रात लगभग 9 बजे अर्जुन तेंदुआ के घर पहुंचे। अर्जून के घर का चैनल गेट खुला हुआ था, वे सभी जाकर अपने साथ लाये हथियार से अर्जून तेंदुआ, फिरनी बाई एवं संजना तेंदुआ पर कई वार किए जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सभी वहां से निकल गए और एक नाले में हथियार छिपा दिए। यही नहीं आरोपियों ने अपने खून लगे कपड़े आदि जंगल में ले जाकर जला दिया था।
आईजी ने 30 हजार व एसपी ने 5000 रुपए इनाम की घोषणा
इस पूरे हत्याकांड को सुलझाने में निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उप निरीक्षक बंशनारायण शर्मा, किरनेश्वर प्रताप सिंह, सउनि ईश्वर प्रसाद वारले, केके साहू, किशन चौहान, नसरूद्दीन अंसारी, प्रआर अजय लकड़ा, त्रिनाथ यादव, मिथलेश यादव, धर्मेन्द्र राजपूत, आंनद श्रीवास्तव, आरक्षक बसंत खुंटिया, आरक्षक शोभनाथ सिंह, हेमंत कुजूर, धीरेन्द्र मधुकर आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हत्याकांड को सुलझाने वाले पुलिस कर्मियों को आईजी ने 30 हजार व एसपी ने 5 हजार रुपए ईनाम की घोषणा की है।




