ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: नारायणपुर के दुर्गम क्षेत्र में आईटीबीपी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बनाया 250 फीट लंबा पुल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
BasterBreaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeatured

नारायणपुर के दुर्गम क्षेत्र में आईटीबीपी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बनाया 250 फीट लंबा पुल

By Mohan Rao
Published: July 17, 2026
Share
SHARE

शहीद अमोल माधव राव महस्के के नाम समर्पित होगा यह पुल, बारिश में उफनते जाटलूर नाला से मिलेगी मुक्ति

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले के अति-दुर्गम इलाके में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर के जाटलूर नाला  पर श्रमदान से एक 250 फीट लंबा अस्थायी पुल का निर्माण किया है। इस पुल के बन जाने से कई गांवों का संपर्क आपस में जुड़ गया है, जिससे आवागमन और आपातकालीन सुविधाओं की राह काफी आसान हो गई है।

पूर्व के नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की एक नई इबारत लिखते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) बल ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर सुरक्षा और विश्वास का एक नया सेतु तैयार किया है।  आईटीबीपी की 38वीं वाहिनी ने घोर नक्सल प्रभावित जाटलूर नाला पर 250 फीट लंबे लकड़ी के फुट सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया है। केंद्रीय सीमांत मुख्यालय के महानिरीक्षक अजय पाल सिंह ने गुरूवार को इस पुल का विधिवत लोकार्पण किया। यह नवनिर्मित पुल पिछले वर्ष नवंबर में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अपना बलिदान देने वाले वीर शहीद अमोल माधव राव महस्के की स्मृति में उन्हें समर्पित किया जाएगा।

श्रमदान और स्थानीय संसाधनों की अनूठी मिसाल
लगभग 250 फीट लंबा, 5 फीट चौड़ा और 15 फीट ऊँचा यह पुल सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों के अटूट विश्वास तथा संयुक्त श्रमदान का परिणाम है। स्थानीय संसाधनों का कुशलता से उपयोग कर बनाए गए इस पुल से अब ग्रामीणों को वर्षा ऋतु में उफनते जाटलूर नाला को पार करने के जोखिम से मुक्ति मिलेगी। यह पुल स्थानीय विद्यार्थियों, ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के लिए सालभर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगा। लोकार्पण समारोह में महानिरीक्षक अजय पाल सिंह के साथ 45 वीं वाहिनी के कमांडेंट, 29वीं वाहिनी के कमांडेंट, 38वीं वाहिनी के द्वितीय कमान और 53वीं वाहिनी के द्वितीय कमान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्कूली बच्चे इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

शिविर लगाकर बांटी साइकिलें, स्वरोजगार की दी जानकारी
इस अवसर पर आईटीबीपी द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम (नागरिक कल्याण कार्यक्रम) का आयोजन भी किया गया। इसके तहत जरूरतमंद ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया गया। जवानों ने ग्रामीणों को स्वरोजगार, कौशल विकास और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। शहीद के बलिदान को सलाम पुल निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जवानों और अधिकारियों को महानिरीक्षक अजय पाल सिंह ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। पुल का नाम शहीद अमोल माधव राव महस्के के नाम पर रखने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि यह निर्णय शहीद महस्के के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति सर्वोच्च समर्पण को सच्चा सम्मान है। यह पुल हमारे जवानों और आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। स्थानीय नागरिकों ने आईटीबीपीकी इस जनहितैषी पहल का आभार जताते हुए कहा कि यह पुल सिर्फ दो किनारों को नहीं जोड़ता, बल्कि जनता और सुरक्षा बलों के बीच के विश्वास को और मजबूत करता है।

अमित शाह के दौरे के बीच भाजपा कार्यकर्ता की हत्या, स्वागत समारोह के सभी कार्यक्रम रद्द
Big Breaking: मुख्यमंत्री को ED का समन, इस मामले में होगी पूछताछ, भाजपा ने आक्रामक अंदाज में CM पर बोला हमला
छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर: पिछले 24 घंटों में सामने आए 16731 नए मामले…. 218 मरीजों की मौत… 13097 मरीज हुए स्वस्थ्य
चिटफण्ड कंपनियों के 127.48 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क, कोर्ट मिला आदेश… डीजीपी ने बैठक में दिए निर्देश
चना की फसल लेने से कम लागत में अधिक फायदा ले रहे किसान
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ ने बनाया राष्ट्रीय कीर्तिमान, 14 लाख से ज्यादा माताओं को मिली सहायता
Next Article किसानों के लिए आईसीएआर-एनआईबीएसएम की सलाह, कम बारिश में वैकल्पिक फसलों पर दें ध्यान

Ro.No.-13895/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?