विशाखापट्नम। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। इस समारोह में सीडीएस जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी समेत अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए।

इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, ”आईएनएस तारागिरी के जलावतरण से भारत की नौसेना की ताकत और बढ़ी है। आईएनएस तारागिरी में ब्रह्मोस और सुपरसोनिक मिसाइल से लैस है। इतिहास हमें बताता है कि कोई भी देश बिना अपनी नौसैनिक ताकत को मजबूत किए शक्तिशाली नहीं माना जा सकता है।” रक्षा मंत्री ने कहा, ”ये शहर अपने आप में भारत की समुद्री शक्ति का साक्षी रहा है, इसलिए विशाखापट्टनम से INS तारागिरी कमीशनिंग अपने आप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण पल है।
रक्षामंत्री हमारी सांस्कृतिक विरासत से लेकर आज की रणनीतिक वास्तविकताओं ने समुद्र में हमेशा भारत की दिशा तय की है। भारत का हमेशा से ही समुद्र के साथ अनोखा संबंध रहा है और समय के साथ समुद्र से हमारा रिश्ता और भी मजबूत होता गया है। उन्होंने कहा हमें केवल अपने तटों की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों, चोक पॉइंट्स और डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। मुझे खुशी है कि भारतीय नौसेना इन सभी सुरक्षा कार्यों में सक्रिय रूप से लगी हुई है।




