कानपुर (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में बांदा के सात और मथुरा के एक सराफा व्यापारी के प्रतिष्ठानों पर चल रही आयकर जांच 36 घंटे बाद पूरी हो गई। इस दौरान 34 किलो अघोषित सोना और 200 किलो चांदी की ज्वैलरी बरामद की गई। ज्वैलरी की कीमत 17 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। खुद स्वीकार करने के बाद व्यापारियों से लगभग 7 करोड़ रुपए टैक्स के रूप में वसूले जाएंगे।

तीन दिन पहले बांदा के एक होटल से पुलिस ने तीन लोगों को 14 किलो सोने और दस लाख कैश के साथ पकड़ा था। इसके बाद प्रधान आयकर निदेशक जांच के निर्देश पर छह सदस्यीय टीम ने बांदा की दो फर्म बच्चा सराफ और गोंदीलाल एंड संस पर सर्वे किया। उनसे जुड़ी मथुरा की फर्म गिरिराज आर्नामेंट की जांच दूसरी टीम ने की। शुरू में बांदा की चार और मथुरा की एक फर्म को जांच के दायरे में लिया गया लेकिन बाद में बांदा की तीन और फर्मों पर सर्वे किया गया जो व्यापारी के भाइयों की थीं। इस तरह 36 घंटे तक सात कारोबारियों के परिसरों में जांच चली।
पकड़े गए सोना-चांदी का कोई रिकॉर्ड नहीं था। व्यापारियों ने माना कि माल उनका है और टैक्स बचाने के लिए कागजों में नहीं दिखाया। आयकर विभाग ने माल को सीज नहीं किया है, क्योंकि व्यापारियों ने लिखित में टैक्स देने का वचन दिया है।




