जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन के नाम पर सड़क निर्माण में लगे कंपनी से वसूली करने वाला कुख्यात आरोपी रोहित बड़ा लंबे समय बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा। आरोपी रोहित बड़ा पर न सिर्फ नक्सली संगठन के नाम पर वसूली का मामला दर्ज है बल्कि उसने ग्रामीण महिला के घर में घुस कर लूटपाट भी की थी। इस मामले में महिला ने भी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार लिया। वहीं आरोपी रोहित बड़ा को अब पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपी के खिलाफ धारा 384, 395, 397, 34 तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
जशपुर पुलिस के अनुसार पहला मामला 11 सितंबर 2021 का है। लोखंडी ग्राम में सड़क निर्माण कार्य के दौरान राहित बड़ा अपने साथियों के साथ पहुंचा और कट्टा दिखाकर निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के पास आकर एक धमकी भरा पत्र इसके नाम पर दिया। आरोपी ने पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया संगठन के नाम पर निर्माण कार्य में लगी कंपनी को धमकाया। इस घटना के बाद रोहित बड़ा के खिलाफ कडिंगमहुआटोली निवासी 25 वर्षीय महिला ने 27 सहित सितंबर को 2021 को चौकी लोदाम में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 सितबंर की रात को वह अपने घर में पति के साथ सब्जी बना रही थी। बच्चे टीवी देख रहे थे। इ दौरान कुछ रोहित बड़ा अपने साथियों के साथ पहुंचा और कट्टा, फरसा दिखाकर घर पर रखे जेवर व नकदी लूट कर ले गए। शोर सुनकर प्रार्थिया के ससुर दुबराज वहां पहुंचे तो उसे भी वे कट्टा दिखाकर धमकाया।
इस दौरान आत्मरक्षा में दुबराज ने घर में रखे टांगी से एक बदमाश रामप्रताप के सिर में वार कर जख्मी कर दिया, जिसकी बाद में मृत्यू हो गई। आरोपीगण वहां से लूट-पाट कर भाग गये। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अप.क्र. 229/21 धारा 395, 397 भा.द.वि. 25, 27 आम्र्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर उनके कब्जे से देशी कट्टा, कारतूस, टांगी, एवं लुटी गई नगदी रकम 2100 जब्त किया गया। दोनों मामलों में बिनेश राम उर्फ बिने, अंकित राम व विनोद राम को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं रोहित बड़ा घटना के बाद से फरार था।
फरार आरोपी राहित बड़ा की लगातार तलाश की जा रही थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि रोहित बड़ा गांव आया हुआ है। सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर रोहित बड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक ललित नेगी, जबेरियुस एक्का, प्रधान आरक्षक 371 वितिन राम, कृपा सिंधु तिग्गा, आरक्षक बेलसाजर, कुलरंजन व आर प्रवीण का सराहनीय योगदान रहा।




