-दीपक रंजन दास
पिछले लगभग एक सप्ताह में 700 से अधिक लोगों ने भाजपा का दामन थाम लिया. इनमें आदिवासी समाज, व्यापारी वर्ग, फिल्मी कलाकार और पिछड़ा वर्ग के लोग शामिल हैं. भाजपा के पूर्व मंत्री अजय चन्द्राकर ने कहा कि इन सभी का भाजपा में स्वागत है. दरअसल, ये किसी पार्टी से नहीं जुड़े बल्कि राष्ट्र की सेवा करने के लिए आगे आए हैं. पर कांग्रेस का भूत यहां भी उनका पीछा करता रहा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में एक स्तर के बाद आगे जाम लगा हुआ है. नाम नहीं लेते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता चाहे जो कर लें, एक स्तर के बाद ऊपर नहीं जा सकते. भाजपा में ऐसा नहीं है. यह किसी परिवार की पार्टी नहीं है. यहां छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत और पुरुषार्थ से ऊपर तक जा सकता है. हो सकता है वे ठीक कह रहे हों, पर छत्तीसगढ़ के लोगों का अनुभव इससे भिन्न है. जब यहां भाजपा की सरकार बनी तो लोगों की अपेक्षाओं के विपरीत यहां के वरिष्ठतम नेताओं के रास्ते रोक दिये गये. एक के बाद एक तीन कार्यकाल निकल गए पर ये वरिष्ठजन मध्यप्रदेश सरकार में भी मंत्री थे और छत्तीसगढ़ सरकार में भी इससे आगे नहीं जा पाए. रास्ता रोकने के दो तरीके हैं. एक तो उन्हें आगे बढ़ने न दिया जाए या फिर इतनी तेजी से आगे बढ़ाया जाए कि ब्रेक मारने से पहले ही मार्गदर्शक मंडल तक पहुंच जाएं. इस मंडल में बैठे आदमी की हालत रिटायर्ड स्कूल मास्टर जैसी होती है जिसकी घर वाले भी नहीं सुनते. बहरहाल, उन्होंने परिवारवाद पर चोट किया है. ऐसा करके उन्होंने कांग्रेसियों की दुखती रग को छेड़ दिया है. स्वयं कांग्रेस के वरिष्ठजन मानते हैं कि पार्टी यदि शीर्ष स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन कर ले तो वह अपना खोया वैभव दोबारा प्राप्त कर सकती है. हालांकि, वे पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर ऐसा बोल नहीं पाते. यह भी एक तरह का संस्कार है. यही संस्कार सरकारी अमले में छोटे कर्मचारियों को बड़े अधिकारियों के खिलाफ मुंह खोलने से रोकता है. पूर्व मंत्री ने इन्हीं कांग्रेसियों की भावना को जुबान दे दी है. वैसे, उन्होंने परोक्ष रूप से यह भी स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं, पर वो कितना भी अच्छा कर लें, एक स्तर के बाद आगे नहीं बढ़ पाएंगे. तो क्या इसे मुख्यमंत्री को भाजपा में आने का न्यौता समझा जा सकता है? शायद समझा जा सकता हो. वैसे भी भाजपा कोई आसमान से नहीं टपकी हुई. काबिल लोगों की जरूरत तो सभी पार्टियों को होती है. भाजपा पहले भी अलग विचारधारा के लोगों को अपने में शामिल करती रही है. उन्हें मौके भी देती रही है. वैसे भी छत्तीसगढ़ सरकार और हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की स्वयं प्रधानमंत्री मोदी अनेक अवसरों पर तारीफ करते रहे हैं. याद रहे कि राजनीति में कोई भी स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता.





