-दीपक रंजन दास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में थे। इस मौके पर उन्होंने रायपुर-विशाखापत्तनम कॉरिडोर की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी। जबलपुर-जगदलपुर कॉरिडोर की 33 किमी फोर लेन का शिलान्यास किया। कोरबा में एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का लोकार्पण किया और प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्डों के वितरण की शुरुआत की। अपनी परम्परा के अनुरूप मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ी अंगवस्त्रम और श्रीअन्न (मिलेट्स) की टोकरी भेंट की। यहां तक तो सबकुछ ठीक था। पर इसके बाद मोदी ने शुरू किया चुनावी भाषण। उन्होंने छत्तीसगढ़ को कांग्रेस का एटीएम बताया। शायद सही भी कह रहे हों पर इसमें गलत क्या है? सनातन भारत के संयुक्त परिवारों में सभी तो नहीं कमाते थे। 10-12 बच्चों में से कोई-कोई ही काम का निकलता था। उनकी कमाई से ही पूरा परिवार पलता था। बाकी बचे भाइयों में से कोई भजन मंडली में शामिल हो जाता था, कोई नाचा-गम्मत करता था तो कोई-कोई तीर्थाटन पर भी निकल जाता था। वैसे मोदी दिल्ली में रहते हैं, ‘मन की बातÓ करते हैं तो अभिनव छत्तीसगढ़ की तारीफ ही करते हैं। बात चाहे गोधन न्याय योजना की हो, मिलेट मिशन की हो या स्व-सहायता समूहों की उद्यमिता की हो, मोदी ने हमेशा तारीफ की है। मोदी यहां तक कह गए हैं कि कभी किसी का छत्तीसगढ़ जाना हो तो उसे रायगढ़ के मिलेट कैफे में जरूर जाना चाहिए। नीति आयोग और स्वयं प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ की सराहना करते रहे हैं। पीएमओ के ज्ञापन में आकांक्षी जिलों की उपलब्धियों की चर्चा होती थी। पीएमओ का ज्ञापन कहता है कि छत्तीसगढ़ में 17 लाख लोगों को नल-जल, 34 लाख लोगों को आवास और 35 लाख लोगों को गैस सिलेंडर मिल चुका है। इन उपलब्धियों में 50 प्रतिशत का हिस्सा राज्य सरकार का है। पर चुनावी मौसम आते ही प्रधानमंत्री भाजपाई हो जाते हैं। उन्हें भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिखता। वैसे छत्तीसगढ़ का बच्चा-बच्चा जानता है कि भाजपा के 15 साल और कांग्रेस के साढ़े चार साल में भ्रष्टाचार एक जैसा है। जो तब ठेकेदार थे वो अब भी ठेकेदार ही हैं। माफिया-राज तब भी था और आज भी है। दरअसल, पीएम के पास कहने को ज्यादा कुछ था ही नहीं। भूपेश सरकार को कांग्रेस का एटीएम बताने वाले भले ही छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की तारीफ करें, एक दो लाइन छत्तीसगढ़ी में बोल-गोठिया लें, पर उन्हें छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में कुछ भी पता नहीं है। किसी दिन छत्तीसगढ़ को पूरे देश को पालने का मौका मिले, तो वह इसे भी अपना सौभाग्य समझेगा। यह उसके लिए सम्मान की, आत्मसंतोष की बात होगी। वैसे, भूपेश ने अपने ढंग से पीएम को जवाब भी दे दिया है। उन्होंने कहा है कि खुद भाजपा के लोग भाजपा को जीतने नहीं देंगे। क्योंकि भाजपा जीती तो गोधन न्याय जोना बंद हो जाएगी, प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने वाले नहीं रहेंगे, 9000 रू प्रति एकड़ राजीव गांधी न्याय योजना का लाभ भी नहीं मिलेगा।
Gustakhi Maaf: मोदी की किस बात का भरोसा करे जनता




