ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: चिड़चिड़ा कर दर्ज किए यूएफएम के मामले
Share
Notification Show More
Latest News
एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की खिलाड़ी संजू देवी को छत्तीसगढ़ सरकार देगी 51 लाख रुपए
September 29, 2026
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
September 28, 2026
बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल
September 28, 2026
बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री चौधरी, बोले- हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार
September 28, 2026
बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास
बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास
September 28, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeatured

Gustakhi Maaf: चिड़चिड़ा कर दर्ज किए यूएफएम के मामले

By Om Prakash Verma Published June 15, 2023
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
इस साल कॉलेज और स्कूल की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं ने यूएफएम के सारे रिकार्ड तोड़ दिये। दर्ज किए गए यूएफएम केसेस पिछले दस सालों में सर्वाधिक हैं। साइंस फिक्शन मूवी देखने वालों को यूएफएम शब्द से अनआइडेन्टिफाइड फ्लाइंग मशीन अर्थात उडऩ तश्तरियों का आभास हो सकता है पर ऐसा है नहीं। इस यूएफएम का मतलब है अन-फेयर मीन्स। अर्थात परीक्षा दिलाने के वो तरीके जो सही नहीं हैं। इसमें टीचर अथवा इन्विजिलेटर द्वारा मदद करना, आसपास बैठे दूसरे परीक्षार्थियों की कापी देखकर लिखना, स्वयं बनाकर लाए हुए चिट का इस्तेमाल करना, डिजिटल माध्यमों से नकल करना, आदि शामिल हैं। कहा जा रहा है कि कोरोनाकाल के कारण बच्चों की तैयारी अच्छी नहीं थी, ऑफलाइन परीक्षा देने की आदत छूट चुकी थी, इसलिए नकल की तरफ उनका रुझान हुआ। ऐसी बातें केवल खुद को धोखा देने के लिए कही जाती हैं। दरअसल, नकल का इतिहास भी स्वयं परीक्षा जितना ही पुराना है। नकल मारने के तरीके भी एक से बढ़कर एक होते थे। कागज के पुर्जों पर नकल लिखकर लाना तो सामान्य था। लोग अपनी जांघों पर, बाहों पर, पेन्सिल बाक्स के भीतर, यहां तक कि स्केल पर भी नकल के इशारे बना लाते थे। नकल के पुर्जों को ऐसी-ऐसी जगहों में छिपाते थे कि आज बोलते या सोचते भी शर्म आ जाए। जाहिर है कि बात नकल करने की नहीं है। इस बार रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने नकल के 600 से ज्यादा नकल के मामले दर्ज किये। स्कूलों की बात करें तो 10वीं-12वीं परीक्षा के 45 विद्यार्थियों के नतीजे रद्द कर दिये गये। इन्हें जुलाई में होने वाली अवसर परीक्षा में शामिल होने का मौका भी नहीं दिया जाएगा। वहीं सरगुजा संभाग के एक स्कूल में 10वीं बोर्ड के 209 परीक्षार्थियों को गणित में शून्य दे दिया गया। इन सभी पर नकल करने का आरोप था। हालांकि, इन्हें पूरक की पात्रता होगी। यह सख्ती बहुतों को अच्छी लग सकती है। उन्हें लग सकता है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और बच्चे स्कूल-कालेज को लेकर गंभीर होंगे। अब तक तो सारी कोशिशें केवल सरकार और पालक करते थे। सरकार जहां स्कूल खोलने, सुविधाएं जुटाने और टीचर उपलब्ध कराने में लगी हुई थी वहीं पालक भी अपनी अधिकतम क्षमता के अनुरूप बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की कोशिश करते थे। परन्तु 70 फीसद बच्चों में अध्ययन की कोई जिजीविषा नहीं होती थी। पहले कालेज के बच्चे ही मस्तीखोर होते थे पर अब यह बीमारी स्कूलों तक जा पहुंची है। 9वीं-10वीं के बच्चे भी होटलों में बर्थडे पार्टी मनाते हैं। अब शिक्षकों का सब्र जवाब देने लगा है। पहले नकल पकडऩे पर भी यूएफएम केस नहीं बनाते थे पर अब ऐसा नहीं है। यह उनकी खीझ का ही परिणाम है कि इतने ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। अच्छा है, छत्तीसगढ़ में स्कूल कालेज तो बहुत खुल गए अब शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की भी कोशिशें होने लगी हैं।

You Might Also Like

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की खिलाड़ी संजू देवी को छत्तीसगढ़ सरकार देगी 51 लाख रुपए

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री चौधरी, बोले- हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार

बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास

Om Prakash Verma June 15, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article 10 शासकीय राशन दुकानों पर लगा ताला, प्रावधानों का उल्लंघन करने पर एसडीएम ने किया निलंबित 10 शासकीय राशन दुकानों पर लगा ताला, प्रावधानों का उल्लंघन करने पर एसडीएम ने किया निलंबित
Next Article श्रीकंचनपथ 322 # 04 September 2023 श्रीकंचनपथ 242 # 15 June 2023

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?