ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: इन आतंकी हमलों का मकसद क्या?
Share
Notification Show More
Latest News
​हाइवे पर टकराई दो बाइक, डायल 112 ने दिखाई तत्परता, घायलों कों पहुंचाया अस्पताल
September 26, 2026
धमतरी के सिरसिदा में उफान के बीच फंसा मारुति धाम का पुजारी, SDRF ने किया रेस्क्यू
September 26, 2026
मासूम का लैंगिक शोषण करने वाले आरोपी को दुर्ग कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा
September 26, 2026
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, स्टार खिलाड़ी संजू देवी को फोन कर सीएम साय ने दी बधाई
September 26, 2026
आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता
September 26, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: इन आतंकी हमलों का मकसद क्या?

By Om Prakash Verma Published April 26, 2025
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
आतंकवादी सिर्फ आतंकवादी होता है, उसका कोई मजहब नहीं होता। वह अपनी कौम की बदनामी का कारण बनता है। आतंक फैलाने की अपनी कोशिशों में वह सारी हदें पार कर जाता है। पहलगाम के बैसरन में हुए पर्यटकों के कत्लेआम में भी उसका उद्देश्य स्पष्ट था। आतंकियों ने नाम पूछ-पूछ कर हिन्दुओं को मारा। चीड़ के घने पेड़ों से घिरा ‘मिनी स्विट्जरलैंडÓ के नाम से मशहूर बैसरन का घास मैदान खून से लाल हो गया। पुलवामा हमले के बाद घाटी की यह दूसरी बड़ी आतंकी वारदात थी। पर इन दोनों हमलों में एक बड़ा अंतर है। 2019 में हुआ पुलवामा हमला सेना के काफिले पर किया गया था। पर पहलगाम में किया गया हमला साफ -साफ हिन्दुओं पर किया गया हमला। सवाल उठता है कि आखिर आतंकियों का मकसद क्या है? दरअसल, मजहबी आधार पर विभाजन के बाद जब पाकिस्तान बना तो उसे मुसलमानों का देश माना गया। भारत इसके बाद भी हिन्दुओं, मुसलमानों, ईसाइयों एवं अन्य मतावलंबियों का संयुक्त देश बना रहा। भारत के विकास और उसकी सफलता में इन सभी का सामूहिक योगदान भी है। चुनावी राजनीति के चलते समय-समय पर ध्रुवीकरण के प्रयास जरूर हुए पर कमोबेश भारत इन सभी का देश बना रहा। आतंकवाद का मकसद इसी भाईचारे को तोडऩा है। हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच पनप रहे विश्वास के रिश्ते को कमजोर करना है। बैसरन में 27 लोगों की नृशंस हत्या करने के साथ-साथ आतंकियों का मकसद देश भर में फैले हिन्दुओं और मुसलमानों का विभाजन करना था। लगता है कि अपनी इस कोशिश में वो काफी हद तक सफल भी रहे हैं। कुछ लोग, जिसमें जिम्मेदार नेता भी शामिल हैं कह कर रहे हैं कि सामान खरीदने से पहले दुकानदार का नाम पूछो। यही तो चाहते थे आतंकवादी। किसी भी देश को कमजोर करने का इससे बढिय़ा तरीका और क्या हो सकता है कि वे आपस में ही लड़ें। ऐसे समय में मुसलमान खुद सामने आए हैं। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मुसलमानों ने काली पट्टी बांध कर जुमे की नमाज अदा की। पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही यह भी कहा कि मुसलमानों को पाकिस्तान बार्डर पर छोड़ दिया जाए तो वे यह साबित कर देंगे कि उनका मुल्क भारत है और उनकी वफा भारत के साथ है। यह एक छोटी ही सही पर महत्वपूर्ण कोशिश है। बैसरन हमले के बाद जब लोगों का आक्रोश सोशल मीडिया पर फूटा तो किसी ने उन मुसलमानों का जिक्र करना जरूरी नहीं समझा जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर हिन्दू पर्यटकों की हिफाजत की और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। वो आतंकियों के उन मंसूबों को ही सफल बनाने में लगे रहे जिसके तहत भारत का कौमी विभाजन करना था। इसे समझने की जरूरत है कि आतंकियों का मकसद केवल हिन्दू पर्यटकों की हत्या करना नहीं था। उनका असली मकसद भारतीय हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे को तोडऩा था।

You Might Also Like

​हाइवे पर टकराई दो बाइक, डायल 112 ने दिखाई तत्परता, घायलों कों पहुंचाया अस्पताल

धमतरी के सिरसिदा में उफान के बीच फंसा मारुति धाम का पुजारी, SDRF ने किया रेस्क्यू

मासूम का लैंगिक शोषण करने वाले आरोपी को दुर्ग कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, स्टार खिलाड़ी संजू देवी को फोन कर सीएम साय ने दी बधाई

आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

Om Prakash Verma April 26, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article केनाल रोड फेस-2 : 40 फीट मार्किंग की तो हुआ बवाल, लोगों ने कहा विकास के नाम पर किसी को बेघर न करें प्रशासन
Next Article छत्तीसगढ़ सरकार का टाइम मेंटनेंस के लिए बड़ा फैसला, पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के दायरे में रहेंगी 13 सरकारी सेवाएं

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?