-दीपक रंजन दास
समाज में सबकुछ सही नहीं होता. लोगों की जरूरतें भिन्न-भिन्न प्रकार की हो सकती हैं. कुछ बातें सार्वजनिक तौर पर की जा सकती हैं पर कुछ बातें ऐसी भी होती हैं जिनकी चर्चा सबके सामने नहीं की जानी चाहिए. ऐसा ही एक मामला यौन क्षुधा या यौन तृप्ति का भी है. सेक्स की भूख अनादिकाल से रही है. पुराणों में उल्लेख है कि गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या रूपवती थी. वह इतनी सुन्दर थी कि दिन रात अप्सराओं से घिरे रहने वाले इन्द्र भी खुद को रोक नहीं पाए और ऋषि का रूप धारण कर अहिल्या के साथ संबंध बनाए. छल-कपट से संबंध बनाने को आधुनिक समाज रेप के रूप में परिभाषित करता है. जब यह राज खुला तो ऋषि ने इन्द्र को नपुंसक हो जाने का और अहिल्या को पाषाण बन जाने का श्राप दिया. इसी अहिल्या को बाद में प्रभु श्रीराम ने अपने स्पर्श से पुनर्जीवित किया. अनेक ऋषियों की तपस्याएं इन्द्र के कहने पर ही अप्सराओं ने भंग की थी. ऐसे कई मामले पुराणों में वर्णित हैं. देवदासियां भी इसीका एक रूप थीं. सेक्स वर्कर्स समाज की जरूरत रहे हैं. अलग-अलग राज्य और देशों में यह अलग-अलग रूप में विद्यमान रहा है. अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में लालबत्ती क्षेत्रों की स्थापना की. जहां-जहां सैनिकों की छावनी बनी वहां भी सेक्सवर्कर्स उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई. मुगलकाल में ताजमहल बनाने वाले कारीगरों को स्थल छोड़ने की इजाजत नहीं थी. उनके लिए भी आमोद प्रमोद की व्यवस्था स्थानीय तौर पर की गई थी. इनमें सेक्सवर्कर्स भी शामिल थे. 20वीं सदी के अंत में इसे उलटने की एक नाकाम कोशिश हुई. कई शहरों के रेडलाइट एरिया बंद कर दिये गये. इसके बाद सेक्स वर्कर गली मोहल्लों में किराए के मकान से आपरेट करने लगे. इंटरनेट आने के बाद इसका स्वरूप बदल गया. डेटिंग एप्स और साइट्स के जरिये यह धंधा भी हाईप्रोफाइल हो गया. एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री फलने फूलने लगी जिसके करोड़ों व्यूअर्स हैं. अब पुरुष सेक्स वर्कर भी होने लगे हैं. इन्हें जिगोलो कहा जाता है और इनकी संख्या महिला सेक्स वर्कर्स से ज्यादा तेजी से बढ़ रही है. दुर्ग के एक बुजुर्ग भी जिगोलो बनने के ऑफर में फंस गए. जिगोलो बनाने का ऑफर देकर उनसे 11 लाख रुपए ठग लिए गए. पुलिस को दिया उनका बयान सार्वजनिक हो गया. इसके बाद होने को तो कुछ भी हो सकता है पर उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? एसपी साहब समाज में जागरूकता ला रहे हैं, उसकी गंदगी साफ करने की कोशिश कर रहे हैं, यह अच्छी बात है पर वे एक मनोरोग विशेषज्ञ भी हैं. किसी की सार्वजनिक छवि बिगाड़ने के कैसे-कैसे परिणाम आ सामने आ सकते हैं, इसे वे बेहतर जानते हैं. कानून सेक्स वर्कर के विज्ञापन पर रोक लगाता है. नंबर सार्वजनिक करने पर उसे 10 महीने की सजा हो सकती है. मामले में नाबालिग के शामिल होने पर 10 साल तक की सजा हो सकती है.
Gustakhi Maaf: अब बस भी करो एसपी साहब




