ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: सब कुछ आता होगा तो भी फेल हो जाएंगे
Share
Notification Show More
Latest News
राज्योत्सव 2026 : प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि निर्धारित, राज्य शासन ने जारी किया आदेश
October 27, 2026
विजेताओं को गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज़ मेडल से किया गया सम्मानित
पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में वार्षिक खेल समारोह ‘एनिग्मा 9.0’ के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
October 27, 2026
प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा संरक्षण पर दिया गया जोर
मिट्टी की सेहत से संवरेगा खेती का भविष्य, ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को किया गया जागरूक
October 27, 2026
भारतीय रेलवे देशभर में 1265 स्टेशन मास्टर्स की भर्ती करेगा, ग्रेजुएट कर सकते हैं आवेदन
October 27, 2026
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, साय कैबिनेट में लिया गया निर्णय… इन मुद्दों पर भी बनी सहमति
October 27, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: सब कुछ आता होगा तो भी फेल हो जाएंगे

By Om Prakash Verma Published February 3, 2023
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
कोरोना ने कुछ लोगों का जीवन छीन लिया तो वहीं कुछ लोग हमेशा के लिए कमजोर होकर रह गए हैं. वहीं विद्यार्थियों के साथ कोरोना ने एक नया खेल खेला है. इन बच्चों की लिखने की आदत छूट गई है. ये पढ़ लिख तो रहे हैं, मौखिक परीक्षाओं में जवाब भी दे रहे हैं पर लिखित परीक्षा में ये कोरे पन्ने छोड़कर आ रहे हैं. माध्यमिक शिक्षा मंडल इसे लेकर खासा परेशान है. अब जबकि परीक्षाएं सिर पर हैं तो बच्चों में लिखने की आदत दोबारा विकसित करने की कोशिशें हो रही हैं. फरवरी के दूसरे सप्ताह में 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों के लिए एंड लाइन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. हालांकि, इस परीक्षा से भी कोई बहुत अच्छे नतीजों की उम्मीद नहीं है. बोर्ड मानकर चल रहा है कि इस कवायद के बाद भी केवल 70 फीसदी बच्चे ही उत्तरों को लिखने में समर्थ होंगे. इस वर्ष 10वीं में शासकीय एवं निजी स्कूलों के 57 हजार 717 बच्चों ने पंजीयन करवाया है. वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षा में 44 हजार 44 बच्चे परीक्षा में बैठेंगे. परीक्षकों का कहना है कि इन बच्चों की लिखने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है. ऑनलाइन एजुकेशन के दौर में बच्चे किसी तरह क्लास तो अटेंड कर रहे थे पर अधिकांश बच्चों ने नोट्स नहीं बनाया. परीक्षाएं ऑनलाइन हुईं तो उत्तर पुस्तिकाओं को भरने के लिए 7-8 घंटे मिल गए. रुक-रुक कर उन्होंने किसी तरह इसे भर लिया था. यही कारण है कि पिछले महीने के अंत तक हुई इन कक्षाओं की वार्षिक प्रायोगिक परीक्षाओं और असाइनमेंट में केवल 70 फीसदी बच्चे ही संतोषजनक उत्तर लिख पाए हैं. शेष बच्चों को कृपांक दिये जा रहे हैं ताकि वे प्रायोगिक परीक्षाओं में पास हो जाएं. दरअसल, लिखने की यह क्षमता केवल स्कूली बच्चों की नहीं बल्कि महाविद्यालयीन विद्यार्थियों की भी कम हुई है. हाल ही में जब विश्वविद्यालय के निर्देश पर महाविद्यालयों में मॉडल टेस्ट लिये गये तो बहुत कम बच्चे दो या तीन सवालों के जवाब लिख पाए. बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने दो-चार लाइन लिखकर ही कापी जमा करवा दी. वरिष्ठ शिक्षाविदों की मानें तो कोरोना काल के बाद जब स्कूल-कालेज खुले तब हमने कोई रणनीति नहीं बनाई. स्कूल कालेजों में पढ़ाई लिखाई पुराने ढर्रे पर ही लौट आई. विशेष परिस्थितियों का हमने ध्यान नहीं रखा. यदि क्लास टेस्ट और मंथली टेस्ट वाले मिडिल स्कूल के फार्मेट पर हमने काम किया होता तो बच्चों को वापस पुराने रूप में लाने में मदद मिल सकती थी. समय निकल जाने के बाद अब ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता. सिर्फ इतना ही कर सकते हैं कि या तो बच्चों को परीक्षाओं में अतिरिक्त समय दिया जाए या फिर उनसे ज्यादा लंबे उत्तरों की उम्मीद न की जाए. पर दिक्कत यह है कि वार्षिक के प्रश्नपत्र तैयार हो चुके हैं. अब सबकुछ बोर्ड की इच्छाशक्ति पर ही निर्भर है.

You Might Also Like

राज्योत्सव 2026 : प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि निर्धारित, राज्य शासन ने जारी किया आदेश

पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में वार्षिक खेल समारोह ‘एनिग्मा 9.0’ के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित

मिट्टी की सेहत से संवरेगा खेती का भविष्य, ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को किया गया जागरूक

भारतीय रेलवे देशभर में 1265 स्टेशन मास्टर्स की भर्ती करेगा, ग्रेजुएट कर सकते हैं आवेदन

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, साय कैबिनेट में लिया गया निर्णय… इन मुद्दों पर भी बनी सहमति

Om Prakash Verma February 3, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ गई ठंड : पिछले दो दिन में लुडका पारा, कई शहरों में कड़ाके की ठंड… जानिए क्या है इसकी वजह
Next Article याददाश्त को कमजोर कर सकते हैं ये 5 खाद्य पदार्थ, खाने से बचें

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?