ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: लागू हो गया भारत का अपना कानून
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: लागू हो गया भारत का अपना कानून

By Om Prakash Verma
Published: July 2, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
देश में अपराधों से जुड़े तीन नए कानून लागू हो गए। ये कानून हैं भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023। अब तक देश में इनकी जगह ब्रिटिश कालीन कानून प्रभाव में था। हालांकि पुराने मामले उन्हीं कानूनों के तहत चलते रहेंगे पर नए मामलों की पड़ताल और सुनवाई नए कानूनों के तहत होगी। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिल में नए कानून के तहत पहला मामला दर्ज भी हो गया। वैसे एक जुलाई से इस बार छत्तीसगढ़ में महाविद्यालयीन शिक्षण सत्र को भी शुरू हो जाना था। पर पाठ्यक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रथम वर्ष की कक्षाओं में सेमेस्टर पद्धति लागू होने के बाद नए विषय क्या होंगे, यह अभी तय नहीं हो पाया है। इसलिए महाविद्यालयों में तो पढ़ाई लिखाई शुरू नहीं हो पाई पर पुलिस और वकील से लेकर पूरा न्यायिक अमला होमवर्क करने में जुट गया है। नए कानूनों के बनने के बाद अब धाराओं के नाम और क्रम बदल गए हैं। हत्या के लिए पहले धारा 302 लगती थी पर अब धारा 101 के तहत यह अपराध पंजीबद्ध होगा। हत्या के प्रयास के मामले भी अब 307 की बजाय 109 के तहत दर्ज किये जायेंगे। गैर इरादतम हत्या के मामले भी अब धारा 304 की बजाय 105 के तहत दर्ज होंगे। लिहाजा पुलिस, वकील और स्वयं कोर्ट के लिए आने वाले कई साल अभी कठिन होने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक देश की सर्वोच्च अदालत के पास 60 हजार मामले लंबित हैं जबकि उच्च न्यायालयों के पास 42 लाख से ज्यादा मामले लंबित हैं। वैसे ये आंकड़े भी कुछ पुराने हैं। वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। जाहिर है कि ये मामले रातों रात खत्म नहीं होने वाले। इनमें से कुछ को चलते सालों-साल बीत चुके हैं और कुछ में अभी सालों-साल लगने हैं। जब तक ये सार मामले खत्म नहीं हो जाते, एक जैसे दो मामलों की विवेचना और सुनवाई दो अलग-अलग कानूनों के तहत होती रहेगी। इस छोटी की दुविधा को छोड़ दें तो एक जुलाई का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। लंबी बहस और विचार विमर्श के बाद बने इन कानूनों की कुछ खासियतें भी हैं। सबसे बड़ा अंतर तो यह है कि पहले जहां पूरा फोकस अपराधी को दंड देने पर था अब वह पीडि़त को न्याय देने पर होगा। इसलिए भारतीय दंड संहिता को अब भारतीय न्याय संहिता कहा जाएगा। न्याय प्रक्रिया को सरल और तीव्र करने की कोशिशें नए कानून में की गई हैं। इससे अदालतों में बढ़ते पेंडिंग मामलों को भी कम किया जा सकेगा। कहा जाता है कि विलंब से मिला न्याय न्याय नहीं रह जाता। न्याय त्वरित होगा तो राहत मिलेगी, अदालतों पर भरोसा बढ़ेगा। यह अकेली उपलब्धि कोई कम नहीं है कि आजादी के 77 साल बाद ही सही पर भारत ने औपनिविशेक कानूनों से खुद को मुक्त कर लिया है।

राजिम कुंभ कल्प 24 फरवरी से 8 मार्च तक, धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मेला स्थल का किया निरीक्षण
जगार-2022 मेला: शिल्पकारों ने किया 88 लाख से अधिक का कारोबार…
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : चार लाख रूपए से अधिक मूल्य के 78 नग साल लटठा जप्त
आश्वासन के 6 माह बाद भी कोई निर्णय नहीं, डॉक्टर्स एसोसिएशन का फैसला, इस दिन फिर से शुरू होगी हड़ताल
मैसूर देखने रवाना हुआ कांकेर के युवक-युवतियों का जत्था, सीमा सुरक्षा बल की पहल पर निकले भ्रमण पर
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article फाइंड कर लिया गया हार का फैक्ट? 4 दिनों तक हार के कारण तलाशने के बाद वापस लौटी कमेटी, एआईसीसी को सौंपेगी रिपोर्ट फाइंड कर लिया गया हार का फैक्ट? 4 दिनों तक हार के कारण तलाशने के बाद वापस लौटी कमेटी, एआईसीसी को सौंपेगी रिपोर्ट
Next Article भोले बाबा के सत्संग समाप्त होने के बाद मची भगदड़, 20 लोगों की मौत और कई घायल

Ro.No.-13784/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?