ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: रेलगाड़ी के एसी कोच में भी चिंदी चोर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: रेलगाड़ी के एसी कोच में भी चिंदी चोर

By Om Prakash Verma
Published: January 25, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
रेलवे लगातार यात्री सुविधा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. गरीबों के लिए रेलवे ही यात्रा का एकमात्र साधन है. जनरल कोच का भाड़ा न के बराबर है. शालीमार (कोलकाता) से कुर्ला (मुम्बई) तक की यात्रा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के जनरल कोच में 400 रुपए में की जा सकती है. इसी दूरी का सेकंड एसी का टिकट 2865 रुपए का आता है. जनरल कोच में सुविधा न के बराबर होती है. लोग एक दूसरे की गोद में, सामान रखने के रैक में, टायलेट के अंदर-बाहर बैठकर तथा सीटों के नीचे सोकर भी अपनी यात्रा पूरी करते हैं. इस कोच में चोरी नहीं होती क्योंकि यहां चुराने योग्य कुछ होता ही नहीं है. इसके बाद आता है स्लीपर कोच. शालीमार से कुर्ला का भाड़ा स्लीपर कोच में 700 रुपया है. यह विद्यार्थियों एवं नौकरी की तलाश में यात्रा करने वालों में सर्वाधिक लोकप्रिय है. पहले जहां केवल जनरल क्लास को कैटल (मवेशी) क्लास कहा जाता था वहीं अब स्लीपर क्लास भी इसे श्रेणी में शामिल हो गया है. जो हालत पहले स्लीपर कोच की थी, वह अब तृतीय श्रेणी एसी का है. स्वच्छता का अभाव तो है ही, क्षमता से ज्यादा सवारी इस कोच में घुस जाती है जो आरक्षित सीट वालों की यात्रा को कठिन बना देती है. इसलिए अब परिवार के साथ यात्रा करने के लिए लोग मजबूरन सेकण्ड और फर्स्ट एसी को चुनते हैं. प्रथम श्रेणी का टिकट तो किसी-किसी रूट पर हवाई यात्रा से भी महंगा पड़ता है. प्रथम श्रेणी के कोच सभी ट्रेनों में होते भी नहीं. शालीमार में भी नहीं है. बहरहाल, यहां बात हो रही थी संभ्रांत यात्रियों की. इस वर्ग के यात्री केवल एसी कोच में ही यात्रा करते हैं. एक जमाना था लोग ट्रेनों में सफर करने के लिए तीन-चार पेटियां, एक-दो होल्डऑल लेकर घर से निकलते थे. अब पेटियों का स्थान चक्के वाले सूटकेस ने ले लिया है. होल्डऑल यानी बिस्तर बंद की भी जरूरत खत्म हो गई है. रेलवे ओढ़ने बिछाने का सामान बर्थ पर ही उपलब्ध करा देता है. इसमें दो चादरें, एक तकिया मय गिलाफ, टावल तथा एक कंबल शामिल होता है. इन संभ्रांत लोगों में चिंदी चोर भी शामिल होते हैं. वे ट्रेन से उतरते समय चादर, कंबल, तकिया भी अपने साथ ले जाते हैं. कुछ लोग तो उन लिफाफों को भी मोड़कर सूटकेस में डाल लेते हैं जिसमें रखकर धुली हुई चादरें और कंबल उन्हें दी जाती है. यह हद दर्जे की चिंदी-चोरी है. साल 2023 में ट्रेनों से 15,295 चादरें, 15,303 टावल, 1432 तकिया, 4027 तकिया कवर और 2432 कंबल गायब हो गए. ऐसे चिंदी चोर संभ्रांत होटलों से भी टावल, चम्मच, साबुन की टिकिया चुराते हैं. ट्रेनों में उनकी इस चोरी का खामियाजा अटेंडर को भुगतना पड़ता है. गायब चादर, तकिया, कंबल का पैसा उसके वेतन से काट लिया जाता है. राष्ट्रनिर्माण के लिए सबसे पहल इसी चिंदी-चोरी से तौबा करनी होगी.

बढ़ गए यात्री टिकटों के दाम, रेलवे ने 215 किमी से अधिक की यात्रा पर बढ़ाए दाम
सीएम भूपेश ने बलौदाबाजार में किया 500 बिस्तर वाले कोविड केयर हॉस्पिटल का वर्चुअल शुभारंभ, कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की अपील
एसबीआई ग्राहक सेवा केन्द्र में चोरी, लॉकर से हजारों रूपए पार… एक साल में दूसरी बार सेंधमारी
वित्त मंत्री ने रायगढ़ में किया राज्योत्सव का शुभारंभ, कहा- राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर है अग्रसर
विक्रम वेधा में हैवान बनकर पर्दे पर आए ऋतिक रोशन, दिल दहला देते हैं ये लुक्स
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article साय सरकार ने किया 7 आईएएस का तबादला, अफसरों को मिली जिला पंचायत व निगम की जिम्मेदारी
Next Article छत्तीसगढ़ के 39 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिष्ठित पुलिस पदक से किया जाएगा सम्मानित

Ro. No.-13759/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?