ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: “टॉयलेट” एक राजनीतिक कथा
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: “टॉयलेट” एक राजनीतिक कथा

By Om Prakash Verma
Published: April 29, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
“टॉयलेट एक प्रेम कथा” तो आपने देखी ही होगी. घर में शौचालय नहीं होने के कारण एक दुल्हन अपने पति पर इतना दबाव बनाती है कि अंततः वह गांव की पंचायत का सिरदर्द बन जाता है. मामला मीडिया में छा जाता है और धीरे-धीरे लोगों को घर पर टॉयलेट बनाने का महत्व समझ में आने लगता है. लोगों को मानना पड़ता है कि यह केवल स्वच्छता का विषय नहीं है. यह मसला महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है. महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आप नेता अलका लांबा ने इस मामले को फिर से उठा दिया है. लांबा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि आचार संहिता के नाम पर उन्हें और एक महिला सांसद को सरकारी गेस्ट हाउस का शौचालय इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई. एक भाजपा नेता ने इस आरोप का बड़ा बेतुका सा जवाब दिया है. उन्होंने कर्मचारी का बचाव करते हुए लिखा है कि वह आदेश से बंधा हुआ था. महिला नेताओं को इस बारे में अधिकारियों से बात करनी चाहिए थी. कहा जा सकता है कि यह नेता उस अदने कर्मचारी से बड़ा अहमक था. उन्हें पता भी है कि वो किस विषय पर बात कर रहे हैं? लघुशंका केवल नाम से ही लघु है. और शंका तो यह बिल्कुल भी नहीं है. जब लगती है तो लगती है और इस शंका का निवारण तत्काल करना होता है. पुरुष तो इसके निवारण के लिए कहीं भी गाड़ी रोककर सड़क किनारे ही धोती उठा लेते हैं. पर महिलाएं ऐसा नहीं कर सकतीं. उन्हें कम से कम एक ओट की जरूरत तो होती ही है. इसे समझने के लिए किसी का आईएएस या आईपीएस होना भी जरूरी नहीं है. एक मामूली मजदूर भी इस बात की अहमियत को जानता और समझता है. पीने का पानी और शौचालय के लिए तो फाइव स्टार होटल भी किसी को मना नहीं कर सकते. ऐसा देश में कानून है. वैसे देश स्वच्छता मोड में है. घर-घर शौचालय बन रहे हैं. प्रेस इंफर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के मुताबिक 2 अक्टूबर 2014 से 13 मार्च 2020 के बीच सरकार ने 10 करोड़, 29 लाख, 21 हजार 674 घरों में शौचालय बनाने हेतु सब्सिडी दी है. आखिर क्यों बनवा रही है सरकार इतने सारे शौचालय? गांव का बच्चा, बूढ़ा और जवान तो खेतों में, नहर या तालाब किनारे जाने का अभ्यस्त था. पर सरकार जानती थी कि यह एक ऐसी सुविधा है जिसकी जरूरत कभी भी पड़ सकती है. शहरों में तो लोग अपने शयन कक्ष में ही अटैच्ड टॉयलेट बनवा लेते हैं. बिना शौचालय के घरों में महिलाओं, विशेषकर रुग्ण और गर्भवती महिलाओं को अनेक तकलीफों का सामना करना पड़ता है. पर इसी जरूरत को आचार संहिता के नाम पर गौण बना दिया गया. आचार संहिता कोई “अचार” तो है नहीं कि उसे नींबू का रस डालकर धूप में छोड़ दिया जाए.

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य के माध्यम से 21 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज…
आईईडी ब्लास्ट में घायल हुआ डीआरजी जवान, उपचार के लिए भेजा रायपुर
नौकरी के नाम पर 6 जिलों में ठगी, शातिर बदमाश दुर्ग पुलिस के हत्थे चढ़ा, 30 लाख से ज्यादा का है मामला
रात में घरों से चोरी किए गहने सुबह दुकान के शो केस में सजा देता था, कारोबारी गिरफ्तार
विधानसभा की कार्रवाई देखने पहुंचे स्कूली बच्चे, विधानसभा संचालन को लेकर सीएम साय से पूछे सवाल
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article CG Politics: दो चरणों का मतदान किसके पक्ष में? हिसाब-किताब लगाने में जुटे भाजपा व कांग्रेस ने किया अपनी जीत का दावा, अब निगाहें तीसरे चरण पर CG Politics: दो चरणों का मतदान किसके पक्ष में? हिसाब-किताब लगाने में जुटे भाजपा व कांग्रेस ने किया अपनी जीत का दावा, अब निगाहें तीसरे चरण पर
Next Article आंध्रा देवांग संघम ने मनाया पारिवारिक मिलन समारोह, सांसद विजय बघेल हुए शामिल

Ro. No.-13759/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?