ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट
Share
Notification Show More
Latest News
खनिज माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान, अवैध परिवहन में लगे 21 वाहन जब्त
October 11, 2026
रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 3 जेसीबी सहित 5 वाहन व मशीनें जब्त
October 11, 2026
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी (ऑनर्स) की रिक्त सीटों के लिए काउंसिलिंग 14 से 16 अक्टूबर तक
October 11, 2026
राजस्व कार्यों और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही पड़ी भारी, महासमुंद में पांच पटवारी निलंबित
October 11, 2026
असम तक पहुंची गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की खुशबू , राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छाया विष्णु भोग चावल
October 11, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट

By Om Prakash Verma Published June 1, 2025
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
जीवन में हम कई चीजों का उपयोग करते हैं। इसके चलते काफी कचरा भी पैदा करते हैं। कचरा बायोडिग्रेडेबल हो या न हो कचरा ही होता है। बायोडिग्रेडबल कचरे को भी नष्ट होने में वक्त लगता है। यदि आप प्रतिदिन यही सोचकर पेपर कप रास्ते पर फेंकते रहेंगे कि वह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचायेगा तो आप गंदगी के ढेर पर रहने लगेंगे। इसी कचरे का सदुपयोग करने की कोशिशें काफी समय से हो रही हैं। स्कूलों और कालेजों में भी वेस्ट रीयूज और रीसाक्लिंग के बारे में पढ़ाया जाता है। स्वच्छता अभियान के तहत सड़कें साफ हो रही हैं और तालाब गंदे हो रहे हैं। जलकुं भी और पूजा पाठ के सामान के अलावा यहां डिस्पोजेबल गिलास, कटोरी तैरते रहते हैं। हमारे यहां नवाबी कुछ ज्यादा है। हम पुरानी चीजों के इस्तेमाल की सिर्फ नसीहतें देते हैं। खरीदते केवल नया और वो भी ब्रांडेड हैं। ऐसे में मैक्सिकों का एक गांव हमें एक नई राह दिखा सकता है। न्यू मैक्सिकों में रियो ग्रांडे के पास रूट 64 से कुछ मील की दूरी पर यह अनोखा गांव बसा है। इसका नाम अर्थशिप है। 2007 में यहां की सरकार ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट टेस्टिंग साइट एक्ट पास किया। अर्थशिप में घर आधे जमीन के भीतर बने हैं। खासियत यह है कि ये पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल हैं। टाओस के पास स्थित ग्रेटर वल्र्ड अर्थशिप कम्युनिटी में लगभग 130 लोग रहते हैं। 600 एकड़ में फैले इस अर्थशिप में से 300 एकड़ साझा जमीन है। इसके अलावा यहां एक शिक्षण केन्द्र भी है जो वेस्टर्न कोलोराडो यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम करती है। यहां इंटर्नशिप प्रोग्रम और विजिटर सेंटर भी है। यहां लोग सस्टेनेबल लिविंक के बारे में सीख सकते हैं। कम्युनिटी के लोग दूसरों को प्रेरित करते हैं कि कैसे कचरे को दोबारा इस्तेमाल करके पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है। अर्थशिप घर सौर ऊर्जा से चलने वाले पैसिव सोलर घर होते हैं। इन घरों के 40 प्रतिशत हिस्से में रिसाइकल्ड सामग्री का इस्तेमाल होता है। मिट्टी और बजरी से भरकर दीवारें बनाई जाती हैं। दीवारों को सीमेंट या एडोब से लेप दिया जाता है। रिसाइकल्ड डिब्बों और कांच की बोतलों से सजाया जाता है। ये घर सौर ऊर्जा और थर्मल मास की वजह से गर्मी और ठंडक पाते हैं। बारिश के पानी को छत पर इकठ्ठा किया जाता है जिसे फिल्टर करके पीने और घरेलू कामों में इस्तेमाल किया जाता है। सिंक, शावर और वॉशिंग मशीन से निकला ग्रे वाटर अंडरग्राउंड बॉटैनिकल सेल में जाता है जहां से इंडोर ग्रीनहाउस के पौधों को पानी मिलता है। ग्रे वाटर टायलेट में भी जाता है। टॉयलेट से निकला ब्लैक वॉटर सेप्टिक टैंक में जाता है जहां इसे ट्रीट करके बाहर के बगीचे में इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह पानी का चार बार उपयोग किया जाता है। यदि भारत जैसा विशाल देश इससे प्रेरणा ले सके तो पूरी दुनिया को फर्क पड़ सकता है।

You Might Also Like

खनिज माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान, अवैध परिवहन में लगे 21 वाहन जब्त

रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 3 जेसीबी सहित 5 वाहन व मशीनें जब्त

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी (ऑनर्स) की रिक्त सीटों के लिए काउंसिलिंग 14 से 16 अक्टूबर तक

राजस्व कार्यों और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही पड़ी भारी, महासमुंद में पांच पटवारी निलंबित

असम तक पहुंची गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की खुशबू , राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छाया विष्णु भोग चावल

Om Prakash Verma June 1, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article जान से मारने की धमकी देकर विवाहिता से रेप, पति के दर्द की दवा देने के बहाने ले गया था बदमाश
Next Article प्लांट से कॉपर स्क्रैप चुराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी गेटपास से हुए दाखिल, कार में बना रखी थी सीक्रेट केवीटी

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?