भिलाई। जीएसटी विभाग द्वारा मंगलवार को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पार्सल गोदाम के पास की कार्रवाई पर फिल्टर रॉड कंपनी के मालिक ने सवाल उठाया है। कंपनी के मालिक निमिश अग्रवाल का कहना है कि रसूखदार व्यक्ति की झूठी शिकायत पर जीएसटी विभाग द्वारा कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि हमारी कंपनी सिगरेट व स्केच पेन में लगने वाला फिल्टर बनाती है। जीएसटी विभाग ने जब दबिश दी तो हमने सभी दस्तावेज दिखाए लेकिन विभाग ई-वे बिल को लेकर अड़ा रहा।

निमिश अग्रवाल ने बताया कि नियमों के तहत 20 किमी के दायरे से अधिक दूरी पर फैक्टरी होने से ही ई-वे बिल की बाध्यता होती है जबकि हमारी फैक्ट्री दुर्ग रेलवे स्टेशन से 20 किमी से कम दूरी पर है। इसलिए हमने ई-वे बिल नहीं बनाया था। निमिश अग्रवाल ने विजय अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे बीच विवाद है और उसी विवाद के कारण विजय अग्रवाल ने अपनी पहुंच का फायदा उठाकर दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हमारी गाड़ी के टायरों से हवा निकालवा दी। यही नहीं यहां विजय अग्रवाल ने हमारे साथ धक्कामुक्की भी की और जीएसटी विभाग में झूठी शिकायत दर्ज कराई। इसे लेकर जीआरपी में शिकायत भी दर्ज कराया है। निमिश अग्रवाल ने बताया कि जीएसटी विभाग को हमने सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं और हमने किसी भी तरह की चूक नहीं की है। नियमों के तहत ही फिल्टर रॉड को पार्सल किया जा रहा था।




