बिजनेस डेस्क (एजेंसी)। आज घरेलू बाजार में सोने की वायदा कीमत में लगातार पांचवें दिन गिरावट आई। इसके साथ ही चांदी वायदा भी सस्ती हुई। एमसीएक्स पर जून का सोना वायदा 0.3 फीसदी गिरकर 44,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जो करीब एक साल का निचला स्तर है, जबकि चांदी वायदा 0.8 फीसदी घटकर 62,617 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले सत्र में सोने में 0.5 फीसदी की गिरावट आई थी और चांदी 1.7 फीसदी नीचे आ गई थी।

वैश्विक बाजारों में इतना है दाम
हाजिर सोना 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 1,683.56 डॉलर प्रति औंस हो गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मंगलवार को 15 महीने के उच्च स्तर 1.776 फीसदी तक बढ़ गई थी। अन्य कीमती धातुओं में, चांदी 24.01 डॉलर पर स्थिर थी, जबकि प्लैटिनम 0.5 फीसदी बढ़कर 1,160.05 डॉलर और पैलेडियम 0.7 फीसदी बढ़कर 2,607.04 डॉलर पर था।
इस बीच, कोटक सिक्योरिटीज ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि सोने की दरों में तेज गिरावट आ सकती है। भारत में सोने की कीमतें अगस्त में 56,200 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन इसके बाद इसमें तेज गिरावट आई है।
सोने की कीमत पर आधारित होते हैं ईटीएफ
दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या गोल्ड ईटीएफ, एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग्स शुक्रवार के 1036.62 टन के मुकाबले मंगलवार को 0.1 फीसदी बढ़कर 1,037.50 टन हो गई। स्वर्ण ईटीएफ सोने की कीमत पर आधारित होते हैं और उसके दाम में आने वाली घट-बढ़ पर ही इसका दाम भी घटता बढ़ता है। मालूम हो कि ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। एक मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को अधिक महंगा बनाता है।
पिछले साल 25 फीसदी बढ़ा सोना, चांदी में 50 फीसदी उछाल
कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों और सरकारों द्वारा राजकोषीय उपायों ने पिछले साल सोने की कीमतों में 25 फीसदी से अधिक की वृद्धि की थी, जबकि चांदी लगभग 50 फीसदी बढ़ गई थी। सोने को मुद्रास्फीति और मुद्रा में आई गिरावट के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। भारत में सोना अपने अगस्त के उच्च स्तर यानी 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे है।




