रायपुर। भवानी पांडेय कोविड 19 से पूरी तरह ठीक हो गए। उनका कहना है कि ऐसे लोग जो बीमारी से ग्रस्त है, लेकिन अस्पताल न जाकर घर पर बिना डॉक्टर की सलाह के स्वयं दवा ले रहे है, वे अपने साथ ही अपने परिवार ,रिश्तेदारों, पड़ोसियों सभी का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। अपने अनुभव से वे बताते हंै कि लक्षण दिखने पर तुरंत यदि जांच कराई जाए तो स्वस्थ होने के पूरे चांस रहते हैं। छब्बीस वर्षीय भवानी पाण्डेय बैंक कर्मचारी है, 6 सितंबर को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कंट्रोल रूम ने इनका हौसला बढ़ाते हुए इन्हें आयुर्वेदिक कॉलेज, रायपुर के कोविड हॉस्पिटल में भेजे जाने की जानकारी दी। इस दौरान वे कोरोना के उपचार को लेकर चिंतित थे । आयुर्वेदिक अस्पताल में पहुंचते ही डॉक्टर और उनकी टीम से हुई पहली मुलाकात से ही उन्हें लगने लगा कि समुचित जांच व उपचार के प्रबंध यहां प्रशासन द्वारा किए गए हैं। यह सेंटर हर आपातकालीन परिस्थितियों के लिए शहर के सभी बड़े अस्पतालों से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि समय पर दवाइयां, मरीजों की समुचित देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्टाफ, सफाई की व्यवस्था के साथ ही अनुभवी चिकित्सकों का परामर्श प्राप्त होने से मै जल्द ही ठीक हो गया वे आगे कहते है कि शासकीय कोविड अस्पतालों व केयर सेंटर में घर से भी ज्यादा सुरक्षित सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध है, इसलिए जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही डॉक्टर की निगरानी में कोविड सेंटर या होम आइसोलेशन पर जाएं।





