भिलाई। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में रानीतराई पुलिस ने खेतों में टुल्लु पंप व सोलर तार जैसे सामान चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ा है। रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को यह सफलता मिली। यही नही जिस गिरोह को पुलिस ने पकड़ा उनसे एक नहीं बल्कि 6 चोरियों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों के साथ ही खरीदार को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग एक लाख रुपए का मशरुका बरामद किया है।

दरअसल पुलिस को रानीतराई क्षेत्र के आस-पास खेत में लगे सोलर केबल, मोटर पंप चोरी की सूचना लगातार मिल रही थी। इसके बाद पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इस बीच 24 व 25 जून की दरमियानी रात को गश्त के दौरान ग्राम तेलीगुण्डरा से ग्राम असोगा 1 बाइक पर 03 लड़के बोरी में कुछ सामान रखे दिखे। तीनों को रुकने का इशारा करने पर वे भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने तीनों का पीछा कर उन्हें पकड़ा। बोरी की जांच में केबल तार भरा मिलाl
पूछताछ में इन युवकों ने बताया कि तार चोरी का है। वे अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर खेतों में चोरी की घटना को अंजाम देते थे। आरोपियों ने बताया कि बाइक से दिन में रेकी करते थे, उसके बाद शाम से आधी रात के बीच चोरी की घटना को अंजाम देते थे। इनके द्वारा ग्राम रेंगाकठेरा, कोही, भन्सुली, चुलगहन, पाहन्दा, जामगांव आर क्षेत्र में पंप, केबल वायर चोरी किया गया है। जिसके कुछ सामान को गिधपुरी के कबाड़ी ललित साहू को बेचना बताया। केबल तार को जलाकर इसका तांबा पाटन के लक्ष्मीकांत देवांगन को बेचना बताया। आरोपियों के बयान के अधार पर खरीदारों को भी गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए आरोपियों में राजेश उर्फ गोलू निवासी ग्राम गिधपुरी जिला बलौदाबाजार, रतून देवार निवासी बांसटाल के पीछे देवार मोहल्ला धमतरी, अर्जुन देवार निवासी रानीतराई, ज्वाला देवार आजाद चौक देवार मोहल्ला पाटन, अजय देवार निवासी आजाद चौक, देवार मोहल्ला पाटन व कुशल कुमार कोसे निवासी ग्राम खोरपा पाटन शामिल हैं। वहीं गिरफ्तार खरीदारों में ललित साहू निवासी ग्राम कुरूद (कुठेला), थाना आरंग, जिला रायपुर तथा लक्ष्मीकांत देवांगन निवासी गांधी चौक, पाटन शामिल हैं। उक्त आरोपियों के खिलाफ धारा 379, 411, 34 भादवि. में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में जेल भेजा गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी ऐनु कुमार देवांगन, सहायक उप निरीक्षक रेमन साहू, नकुल ठाकुर, आरक्षक धनंजय, अखिलेश, तिलेश साहू, तुकाराम निर्मलकर, तुलेथ धनकर, सुरेश ठाकुर का विशेष योगदान रहा।




