राजनांदगांव। जिला भाजपा में नेताओं के बीच किसी न किसी विषय को लेकर लगातार खटपट बढ़ रही है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा के जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव व पूर्व एल्डरमेन पारूल जैन के बीच तीखी झडप हो गई ,जिससे खपा यादव ने पारूल को छह साल के लिए पाटी से बर्खास्त कर दिया है। इसे लेकर अब मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही है,अनुशासन जरूरी है लेकिन पार्टी के पुराने कार्यकर्ता को एक नोटिस देकर जवाब मांगा जाना चाहिए था।
बताया जाता है कि सोमवार शाम पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष यादव कुछ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ सांगठनिक मुद्धे को लेकर बैठक कर रहे थे। इस बैठक के बीच में ही पारूल जैन गुस्से में जिलाध्यक्ष यादव से कई तरह के सवाल-जवाब कर रही थी। बताया जाता है कि पारूल जैन को कुछ कार्यकर्ताओं ने टोका। इसके बाद भी वह यादव से सीधे भिडने लगी। जानकारी के अनुसार पार्टी बैठको और कार्यक्रमों की सूचना नहीं मिलने से नाराज होकर जिलाध्यक्ष से भिडने लगी। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को शुरूआती माजरा समझ में नही आया।
लेकिन पारूल जैन की शोर से दूसरे कमरों में बैठे पदाधिकारी भी पहुंच गए। बताया जाता है कि पारूल जैन पर किसी की समझाईश का असर नही पड़ा। वह लगातार भड़ास निकालते हुए पार्टी की दूसरी महिला के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहने लगी। बताया जाता है कि पारूल जैन यादव पर निजी ठेका दिलाने का दबाव भी बनाए हुए थी। हालांकि नए ठेके में भाजपा के आधा दर्जन नेताओं को कांग्रेस शासित निगम से ठेका मिला है। यही बात पारूल जैन को रास नही आई। बताया जाता है कि यादव के साथ पारूल जैन के शर्मनाक स्थिति तक विवाद किया। बताया जाता है कि संगठन ने इस रवैय्ये को लेकर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए पारूल जैन को बाहर का रास्ता दिखाया है। जिलाध्यक्ष यादव ने घटनाक्रम के कुछ घंटों के भीतर छह साल के लिए जैन को पार्टी से बर्खास्त करने का फरमान जारी किया। पारूल अब मामले को ऊपर के पार्टी नेताओं तक पहुंचाने की बात कह रही हैं।




