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बाढ़ का कहर: 622 गांव पानी में डूबे, 75 लोगों की गई जान, खतरनाक हालात पर सरकार का बड़ा एलान

By Om Prakash Verma Published July 29, 2026
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बाढ़ का कहर: 622 गांव पानी में डूबे, 75 लोगों की गई जान, खतरनाक हालात पर सरकार का बड़ा एलान
बाढ़ का कहर: 622 गांव पानी में डूबे, 75 लोगों की गई जान, खतरनाक हालात पर सरकार का बड़ा एलान
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गुवाहाटी (एजेंसी)। असम में बाढ़ का कहर जारी है। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। बाढ़ के कारण असम में पिछले 24 घंटों में सात लोगों की मौत हो गई है। वहीं, इससे प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी।

अनुग्रह राशि कितनी बढ़ी है?
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 9 लाख रुपये प्रति परिवार कर दिया है। इसके साथ ही मुआवजे का लाभ उठाने के लिए मानदंडों में ढील दी है।

बाढ़ से कितने जिले प्रभवित हुए हैं?
अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, सोनितपुर और कामरूप महानगरपालिका के सात जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 21 राजस्व सर्किल और 622 गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित आबादी 3.32 लाख थी। वहीं, चराइदेव सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला था, जहां 1.42 लाख लोग प्रभावित हुए, उसके बाद शिवसागर (97,074) और जोरहाट (57,371) का स्थान रहा।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को सात लोगों की मौत की सूचना शिवसागर जिले के नजरिया राजस्व सर्कल से मिली, जिससे इस साल बाढ़ में मरने वालों की संख्या 75 हो गई है। सोमवार को छह जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे, जिनमें 4.45 लाख लोग प्रभावित हुए थे।

राहत और बचाव अभियान जारी
प्रभावित जिलों में कुल 81 राहत शिविर कार्यरत थे, जिनमें 32,477 विस्थापित लोगों ने शरण ली थी। इसके अलावा 34 अन्य राहत वितरण केंद्र भी कार्यरत थे। सेना, वायु सेना, राष्ट्रीय अग्निशमन बल (एनडीआरएफ), एसडीआरएफ, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं और नागरिक स्वयंसेवकों सहित कई एजेंसियों ने राहत और बचाव अभियान जारी रखे।

कितने हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है?
बाढ़ प्रभावित जिलों में 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है। वहीं, घरों, गौशालाओं, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों जैसे विभिन्न बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। अधिकारियों ने बताया कि निर्बाध मोबाइल फोन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए, शिवसागर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इंट्रा सर्कल रोमिंग (आईसीआर) सुविधा को 30 जुलाई को रात 11:59 बजे तक या अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राहत शिविरों में बच्चों की सीखने-सिखाने की गतिविधियों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘राहत शिविरों में बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण बनाना हमारी प्राथमिकता बनी हुई है। सीखने और खेलने के लिए समर्पित स्थान यह सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं कि बाढ़ का प्रभाव उनके बचपन को बाधित न करे और वे मौजूदा स्थिति से प्रतिकूल रूप से प्रभावित न हों।Ó

सरमा ने कहा कि बाढ़ में लापता हुए लोगों के मामले में, यह निर्णय लिया गया है कि अगर एक महीने के भीतर शव नहीं मिलते हैं तो पीडि़तों के परिवारों को 9 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, और सर्कल अधिकारी को आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के चार सबसे अधिक प्रभावित जिलों में गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के लिए सरकार 15,000 रुपये की अंतरिम राशि प्रदान करेगी, जिसका उपयोग वे अपनी घरेलू जरूरतों के लिए कर सकते हैं।

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