वॉशिंगटन (एजेंसी)। दुनियाभर में कोरोना वायरस के खिलाफ तेजी से टीकाकरण अभियान चल रहे हैं। अमेरिका से लेकर भारत तक, हर दिन लाखों लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। चूंकि अभी लोगों को दो खुराक वाले टीके ही लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस बीच कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) अल्बर्ट बॉर्ला ने कहा है कि उनकी कोरोना वैक्सीन लेने वालों को टीका लेने के 12 महीने के अंदर एक ‘बूस्टर डोज’ भी लेने की जरूरत पड़ेगी, यानी हो सकता है कि आने वाले समय में फाइजर की वैक्सीन लेने वालों को तीन खुराकें लेनी पड़ें।
एक कार्यक्रम के दौरान अल्बर्ट बॉर्ला ने कहा है कि यह संभव है कि लोगों को हर साल कोरोना वायरस के खिलाफ टीका लगवाना पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यह संभव है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें लेने के छह से 12 महीनों के अंदर ही तीसरी डोज लेने की जरूरत पड़ जाए। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, उन्होंने यह बयान एक अप्रैल को ही दिया था, लेकिन उनकी टिप्पणियों को बीते गुरुवार को सार्वजनिक किया गया।
चूंकि दुनियाभर के वैज्ञानिक अभी तक इस बात का पता नहीं लगा सके हैं कि कोरोना वैक्सीन लेने के कितने समय बाद तक किसी व्यक्ति में प्रतिरोधक क्षमता बनी रहेगी, लेकिन वैक्सीन बनाने वाली अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग दावे करती हैं। फाइजर कंपनी ने भी कहा था कि उसके टीके की दोनों खुराकें लेने के छह महीने बाद तक यह कोरोना से रक्षा करती हैं। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी यह निर्धारित करने के लिए और अधिख शोध की जरूरत है कि क्या सुरक्षा छह महीनों के बाद भी रहती है।
हाल ही में अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द्वारा किए गए एक शोध में कहा गया है कि फाइजर की कोरोना वैक्सीन की दो खुराक लेने के बाद संक्रमण के खिलाफ 90 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है। यह वास्तविक दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोक सकती है। अध्ययन के मुताबिक, इस वैक्सीन की पहली खुराक भी प्रभावी है। फाइजर की पहली खुराक लेने के दो हफ्ते बाद शरीर में काफी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही है।




