रायपुर। छत्तीसगढ़ में ईडी व अन्य केन्द्रीय जांच एजेंसियों के नाम पर अलग अलग विभागों के अफसरों से लाखों की उगाही का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र में बैठे शातिरों ने छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में भी सरकारी अफसरों को निशाना बनाया और लाखों की उगाही की। रायपुर के राखी थाने में हुई शिकायत के बाद पुलिस जांच शुरू की। पुलिस महाराष्ट्र के अमरावती से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रायपुर की राखी पुलिस ने मंगलवार को इस हाई प्रोफाइल मामले का खुलासा किया है।


दरअसल छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में पदस्थ अधिकारी ने राखी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि 16 मई 2023 को मोबाइल नंबर 9112329778 से उसके ऑफिस लैंडलाइन 0771-2512612 पर फोन आया। कॉलर ने स्वयं को प्रवर्तन निदेशालय, नई दिल्ली का बताया और कुछ जानकारियां चाही। कॉलर ने पूछा वर्तमान में उपायुक्त आबकारी कौन है, अभी हाल ही में रिटायर्ड उपायुक्त कौन है उनका मोबाइल नंबर पूछने के साथ ही एसएन साहू व रमेश अग्रवाल के बारे में पूछकर उनका मोबाइल नंबर पूछा गया।
प्रार्थी ने जानकारी दी तो कॉलर ने उनसे ज्वाइंट डॉयरेक्टर प्रवर्तन निदेशालय सेंट्रल जोन नागपुर से उनके मोबाईल नंबर 9561225697 पर बात करने कहा। उक्त नंबर पर संपर्क करने पर कॉलर ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय को आपके विरूद्ध शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जांच ईडी, आयकर विभाग, ईओ डब्ल्यू, एसीबी एवं सीवीसी से करायी जाएगी। जांच से बचने के लिए कॉलर ने रुपए की मांग की। आबकारी अधिकारी ने कह दिया जांच कर लें। इसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण मण्डल नवा रायपुर में पदस्थ दो अधिकारियों के पास भी कॉल आया। यह दोनों अफसर इनके झांसे में आ गए और अगल अलग कुल 10,60,000 रुपए दे दिए। दोनों मामलों में राखी पुलिस ने 419, 384 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रार्थियों से विस्तृत जानकारी ली और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। मोबाइल से मिले लोकेशन के आधार पर एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना राखी पुलिस की संयुक्त टीम को महाराष्ट्र के अमरावती पहुंची। टीम के सदस्यों द्वारा अमरावती पहुंचकर आरोपी की पतासाजी करते हुए प्रकरण में संलिप्त आरोपी अश्वनी भाठिया एवं निशांत इंगडे को हिरासत में लिया गया। इन्हीं दोनों ने छत्तीसगढ़ में सरकारी अफसरों को ईडी का अफसर बताकर चूना लगाया। इन दोनों शातिरों ने छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा, महाराष्ट्र, कनार्टक एवं दिल्ली आदि जगह भी सरकारी अफसरों से उगाही करने के प्रयास कर चुके हैं। इन लोगों ने छत्तीसगढ़ में 4 व मध्यप्रदेश में एक अफसर से उगाही कर चके हैं। आरोपियों के कब्जे से 4 नग मोबाइल फोन जब्त किया गया है।
इंटरनेट से नंबर पता करते और कॉल कर देते थे झांसा
पूछताछ में पुलिस को आरोपियों ने बताया कि कैसे वे अफसरों को फंसाते थे। आरोपी निशांत इंगडे इंटरनेट के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों व जिलों में पदस्थ उच्चाधिकारियों का मोबाईल नंबर व उनके कार्यालय का लैण्डलाईन नंबर पता करता और आरोपी अश्वनी भाठिया उन्हें फोन कर स्वयं को ईडी, ईओडब्ल्यू, आयकर विभाग एवं एसीबी का अधिकारी बताता। अश्वनी भाठिया फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता था जिससे सरकारी अफसर आसानी से शिकार बन जाते थे। यह अधिकारियों से ऐसे बात करता कि यदि अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त है तो वह उसके झांसे में आ जाएगा। आरोपी अश्वनी भाठिया ऐसे लोगों से रूपयों की मांग कर उन्हें रूपये लेकर अमरावती (महाराष्ट्र) के दुरस्थ स्थानों में बुलाता था तथा वह निशांत इंगडे के साथ जाकर पीड़ितों से रुपए ले लेता था। आरोपियों का ईडी सहित उक्त अन्य शासकीय जांच ऐजेंसियों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।




