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Economic Crisis: मझधार में फंसा पाकिस्तान, इसकी शर्त मानी तो लगेगा चुनावी झटका, और न मानी तो……जाने क्या है पूरा मामला

By Om Prakash Verma Published January 24, 2023
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Economic Crisis: मझधार में फंसा पाकिस्तान, इसकी शर्त मानी तो लगेगा चुनावी झटका, और न मानी तो……जाने क्या है पूरा मामला
Economic Crisis: मझधार में फंसा पाकिस्तान, इसकी शर्त मानी तो लगेगा चुनावी झटका, और न मानी तो……जाने क्या है पूरा मामला
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इस्लामाबाद (एजेंसी)। भारी आर्थिक संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार अब बीच मंझधार में फंसती नजर आ रही है। दरअसल, कंगाली की मार झेल रही शहबाज सरकार को फिलहाल आर्थिक मदद की सख्त जरूरत है जिसके लिए उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के सामने हाथ फैलाने की जरूरत है। लेकिन आईएमएफ पैसे देने के लिए तो तैयार हो गया है लेकिन संस्था ने कुछ शर्त रख दिए हैं जिसे मानने पर पाकिस्तानी सरकार को आगामी चुनाव में करारा झटका लग सकता है।

आईएमएफ ने रखी शर्त
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान के सामने सात शर्तें रख दी हैं जिसे माानने से पाकिस्तानी सरकार आनाकानी कर रही है, क्योंकि अगर वह आईएमएफ की इन शर्तों को मानती है तो चुनाव में जनता रूठ सकती है। अब बात करते हैं आखिर आईएमएफ ने क्या शर्तें रख दी है जिसे पाकिस्तान सरकार मानने से पीछे हट रही है। दरअसल, आईएमएफ ने बिजली सब्सिडी वापस लेना, गैस की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोडऩा और फ्री-फ्लोटिंग डॉलर जैसी शर्तें पाकिस्तान के सामने रख दिए हैं जिसे मानने पर शहबाज सरकार को सियासी मोर्चे पर झटका लग सकता है।

संकट के दौर से पाकिस्तान का निकलना मुश्किल
पाकिस्तान ने साल 2019 में आईएमएफ की शर्तें मान ली थी और लगभग 48000 करोड़ रुपये आईएमएफ कार्यक्रम की मंजूरी मिल गई थी लेकिन अब चुनाव नदजीक आ गया और आर्थिक संकट अलग परेशान कर रहा है। ऐसे में आईएमएफ की कठोर शर्तों को मानकर शहबाज सरकार चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। ऐसी रिपोर्टें हैं कि जब तक सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं हो जाते, तब तक आईएमएफ कार्यक्रम के तहत अधिक धन जारी नहीं कर सकता है।

आईएमएफ की शर्तें मानने पर महंगाई बढऩी तय, जनता होगी नाराज
सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) (पीएमएल-एन) को डर है कि इनमें से कुछ मांगों को लागू करने से सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाएंगी। पाकिस्तानी सरकार चुनाव के इतने करीब इस तरह के रिस्क लेने से बचना चाहेगी। पाकिस्तान में अगस्त के बाद आम चुनाव होने हैं। हालांकि, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मध्यावधि चुनाव की मांग कर रहे हैं।

आईएमएफ बोर्ड ने अगस्त में पाकिस्तान के बेलआउट कार्यक्रम की सातवीं और आठवीं समीक्षा को मंजूरी दी थी
आईएमएफ बोर्ड ने अगस्त में पाकिस्तान के बेलआउट कार्यक्रम की सातवीं और आठवीं समीक्षा को मंजूरी दी थी, जिसमें 8000 करोड़ रुपये से अधिक कैश रिलीज करने की अनुमति दी गई थी। पाकिस्तान के बिजली नियामक ने सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन लिमिटेड (एसएनजीपीएल) और सुई सदर्न गैस कंपनी (एसएसजीसी) को पहले ही कैबिनेट की मंजूरी के अधीन दरों में 75 फीसदी तक की बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है। इस्लामाबाद उस ऋण व्यवस्था की 9वीं समीक्षा का इंतजार कर रहा है जिस पर पिछली सरकार ने आईएमएफ के साथ हस्ताक्षर किए थे। समीक्षा से पाकिस्तान को धन की अगली किश्त जारी की जाएगी जो सितंबर से लंबित है।

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