ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने चलाया संयुक्त अभियान
भिलाई। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से एक बड़ा अभियान चलाया। अभियान के दौरान बिना लाइसेंस सड़कों पर फर्राटा भर रहे नाबालिग वाहन चालकों को पकड़ा गया और उनके पालकों को सेक्टर 6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम बुलाकर कड़ी समझाइश दी गई। इसके साथ ही भविष्य में बच्चों को गाड़ी न देने का लिखित घोषणापत्र भी भरवाया गया।
बता दें बड़ी संख्या स्कूली छात्र – छात्राएं दुपहिया वाहन में स्कूल और कोचिंग सेंटर आना- जाना कर रहे हैं। बिना लाइसेंस नाबालिगों के वाहन चालन से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने शनिवार को शहर के चौक चौराहों पर अभियान चलाया। इस अभियान में लगभग 30 ऐसे दुपहिया वाहन चालकों को पकड़ा गया, जो नाबालिग होने से लाइसेंस की पात्रता नहीं रखते। लिहाजा उनके अभिभावकों को पुलिस कंट्रोल रूम बुलाकर समझाइश दी गई। इस दौरान एडिशनल एसपी ट्रैफिक कौशलेंद्र देव पटेल ने उपस्थित अभिभावकों से सीधे संवाद किया।


उन्होंने पालकों को नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले जान-माल के गंभीर खतरों से अवगत कराया। एडिशनल एसपी ट्रैफिक श्री पटेल ने कहा कि कम उम्र में बच्चों में सही समय पर निर्णय लेने और गति नियंत्रण की परिपक्वता नहीं होती। ऐसे में उन्हें दुपहिया या चारपहिया वाहन देना सीधे तौर पर दुर्घटना को आमंत्रण देना है। इससे न सिर्फ नाबालिग की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों के जीवन और संपत्ति का भी भारी नुकसान होता है। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों को मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम के सख्त प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाबालिग के गाड़ी चलाने पर केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि वाहन स्वामी का पंजीयन रद्द होने और अभिभावकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है।
पालकों ने लिया लिखित संकल्प
पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर 6 में उपस्थित सभी अभिभावकों ने अपनी भूल स्वीकार की और शासन के नियमों का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई। सभी पालकों से एक शपथ पत्र भरवाया गया, जिसमें उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक उनके बच्चे 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं कर लेते और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक वे उन्हें किसी भी प्रकार का वाहन नहीं देंगे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यातायात सुरक्षा को लेकर इस प्रकार का जांच और समझाइश अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




